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दिल्ली से आगे निकला लुधियाना, बेरोजगारी दर सबसे कम; उद्योगों की ताकत से बढ़े नौकरी के अवसर

सरकारी रिपोर्ट में लुधियाना को पंजाब का सबसे मजबूत रोजगार केंद्र बताया गया है.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
दिल्ली से आगे निकला लुधियाना, बेरोजगारी दर सबसे कम; उद्योगों की ताकत से बढ़े नौकरी के अवसर
Courtesy: X

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की नई रिपोर्ट ने लुधियाना को पंजाब का सबसे मजबूत रोजगार वाला शहर बताया है. उद्योगों की मजबूती और बेहतर नौकरी के अवसरों की वजह से शहर ने कामकाजी आबादी, रोजगार और बेरोज़गारी के कई अहम पैमानों पर शानदार प्रदर्शन किया है.

रोजगार के मामले में लुधियाना सबसे आगे

सरकारी रिपोर्ट के अनुसार लुधियाना का वर्कर पॉपुलेशन रेश्यो (WPR) 57 प्रतिशत दर्ज किया गया है. यह आंकड़ा दिल्ली के 41.2 प्रतिशत और फरीदाबाद के 44 प्रतिशत से काफी बेहतर है. रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि शहर की 63 प्रतिशत कामकाजी आबादी नियमित वेतन वाली नौकरी कर रही है. यह संकेत देता है कि लुधियाना में स्थायी रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं. कम बेरोजगारी और बेहतर काम के मौके ने शहर को पंजाब का सबसे मजबूत रोजगार केंद्र बना दिया है.

उद्योगों की ताकत बनी सबसे बड़ी वजह

लुधियाना की सफलता के पीछे उसका मजबूत औद्योगिक ढांचा माना जा रहा है. शहर में मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल और टेक्सटाइल उद्योग लगातार विस्तार कर रहे हैं. इन क्षेत्रों में कुशल कर्मचारियों की मांग लगातार बनी हुई है. इसी जरूरत को देखते हुए इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ITI) भी उद्योगों की मांग के अनुसार नए स्किल आधारित कोर्स शुरू कर रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार शहर की 34.7 प्रतिशत कामकाजी आबादी स्वरोज़गार से जुड़ी है, जबकि केवल 2.3 प्रतिशत लोग अस्थायी मजदूरी कर रहे हैं. शहर की बेरोजगारी दर 3.5 प्रतिशत है, जो दिल्ली और फरीदाबाद दोनों से कम है.

महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत

रिपोर्ट में एक चिंता की बात भी सामने आई है. लुधियाना में महिलाओं का वर्कर पॉपुलेशन रेश्यो केवल 22.8 प्रतिशत है. महिलाओं की बेरोजगारी दर 3.8 प्रतिशत है, जो पुरुषों से थोड़ी अधिक है. दूसरी ओर अमृतसर रोजगार के कई पैमानों पर लुधियाना से पीछे दिखाई दिया. वहां कुल बेरोज़गारी दर 8.7 प्रतिशत दर्ज की गई है. रिपोर्ट साफ बताती है कि पंजाब में उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं.