Vidya Balan: बॉलीवुड की दमदार अदाकारा विद्या बालन ने अपनी बेमिसाल अभिनय के 20 साल पूरे कर लिए हैं. इस मौके पर, फिल्मफेयर के साथ एक खास बातचीत में विद्या ने 2009 की फिल्म पा में अमिताभ बच्चन की मां का किरदार निभाने के अपने अनुभव को साझा किया. इस अनोखे किरदार को स्वीकार करने से पहले उन्हें कई चेतावनियां मिली थीं, फिर भी उन्होंने अपने दिल की सुनी और यह जोखिम उठाया.
विद्या ने उस पल को याद करते हुए कहा जब डायरेक्टर आर बाल्की ने उन्हें पा में अमिताभ बच्चन की मां का किरदार ऑफर किया. उन्होंने बताया, 'मुझे लगा कि आर बाल्की अपना आपा खो बैठे हैं. उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि अभिषेक (बच्चन) और मैं मिस्टर बच्चन के माता-पिता का किरदार निभाऊ. यह बेतुका लग रहा था. लेकिन फिर उन्होंने मुझे पा की स्क्रिप्ट सुनाई, और कुछ बदल गया. मैं बार-बार इसे पढ़ती रही, और मेरे अंदर का एक्टर कहता रहा, 'करो.' हालांकि, मैं डरी हुई थी.'
उन्होंने आगे खुलासा किया कि इस किरदार को स्वीकार करने से पहले उन्हें कई लोगों ने चेतावनी दी थी. विद्या ने कहा, 'सभी ने मुझे चेतावनी दी थी कि एक बड़ी उम्र की महिला का किरदार निभाने से मेरा करियर खत्म हो जाएगा. लेकिन मैंने एक लेखक और एक फिल्म मेकर दोस्त से इसे पढ़वाया, और दोनों ने जोर देकर कहा कि मैं इसे करूं. तभी मैंने शोरगुल सुनना बंद कर दिया और खुद की आवाज सुननी शुरू कर दी. मैंने पहले ही ऐसी फिल्में की थीं जो मुझे पसंद नहीं आईं. हालांकि वे चलीं, लेकिन मुझे उनमें मजा नहीं आया. मैं फिर कभी उस अलगाव को महसूस नहीं करना चाहती थी.'
आर बाल्की की डायरेक्टेड पा एक भावनात्मक ड्रामा फिल्म है, जिसमें अमिताभ बच्चन ने ऑरो नामक एक 12 साल के लड़के का रोल निभाया था, जो प्रोजेरिया नामक दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी से पीड़ित है. इस बीमारी के कारण उसका शरीर तेजी से बूढ़ा होता है. फिल्म में अभिषेक बच्चन ने ऑरो के पिता और विद्या बालन ने उनकी मां का किरदार निभाया. इस अनोखी कहानी और शानदार अभिनय ने फिल्म को समीक्षकों और दर्शकों से खूब सराहना दिलाई. पा ने बेस्ट एक्टर (अमिताभ बच्चन) और बेस्ट हिंदी फ़ीचर फिल्म सहित कई राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीते.