मुंबई: सिंगापुर के कोरोनर ने आखिरकार फैसला सुना दिया है कि उनकी मौत आकस्मिक डूबने से हुई थी. किसी भी तरह की गलत साजिश या फाउल प्ले की कोई बात नहीं है. यह खबर 25 मार्च 2026 को सामने आई और फैंस के मन में चल रहे सारे सवालों पर विराम लग गया.
जुबिन गर्ग 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में एक यॉट ट्रिप के दौरान समुद्र में तैरने गए थे. अगले दिन उन्हें नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में परफॉर्म करना था. लेकिन दुर्भाग्य से वे लाजरस आइलैंड के पास पानी में डूब गए. उनकी उम्र उस समय 52 साल थी. सिंगापुर के स्टेट कोरोनर एडम नाखोदा ने जांच के बाद साफ कहा कि पुलिस कोस्ट गार्ड की रिपोर्ट बिल्कुल सही है. उपलब्ध सबूतों से कोई संदेह नहीं है कि यह एक ट्रेजिक एक्सीडेंट था. मौत का सर्टिफिकेट 20 सितंबर को ही जारी हो गया था, जिसमें डूबना ही कारण बताया गया था. बाद में अक्टूबर और दिसंबर में भी इस निष्कर्ष को दोहराया गया.
अब कोरोनर इंक्वायरी ने इसे आधिकारिक रूप से पुष्टि कर दी है. जांच में पता चला कि जुबिन गर्ग ने उस दिन काफी शराब पी ली थी. उनका ब्लड अल्कोहल लेवल बहुत हाई था. वे लाइफ जैकेट पहनने से मना कर रहे थे और यॉट से सीधे पानी में कूद गए. पानी में जाते समय वे अस्थिर भी लग रहे थे. गवाहों ने बताया कि किसी ने उन्हें जबरदस्ती शराब नहीं पिलाई और न ही तैरने के लिए मजबूर किया. वे खुद खुश थे और परफॉर्मेंस की तैयारी में व्यस्त थे.
इस फैसले के बावजूद भारत में कुछ अलग कहानियां चलीं. असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने पहले कहा था कि मौत आकस्मिक नहीं लगती और फाउल प्ले हो सकता है. लेकिन सिंगापुर की जांच ने इन अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया.
जुबिन गर्ग असम की संगीत दुनिया के सुपरस्टार थे. 'या अली', 'मोर ओमोल' जैसी हिट गानों से वे लाखों दिलों में बस चुके थे. उनकी आवाज में जज्बा था, जो युवाओं को खास तौर पर छूती थी. उनका अचानक चला जाना पूरे नॉर्थ ईस्ट को झकझोर गया. फैंस अब भी उनके गानों पर रोते और याद करते हैं. यह फैसला परिवार और फैंस के लिए थोड़ी राहत ला सकता है. सिंगापुर की पूरी जांच पारदर्शी रही और सबूतों पर आधारित थी.