मुंबई के केईएम अस्पताल से जुड़ीं डॉक्टर सेजल पवार इन दिनों एक वायरल वीडियो को लेकर चर्चा के केंद्र में हैं. प्रणित मोरे के स्टैंडअप कॉमेडी शो के दौरान की गई उनकी टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी. मामला इतना बढ़ गया कि डॉक्टर पवार को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी. इस पूरे विवाद ने मेडिकल प्रोफेशन में नैतिकता, शरीर दान करने वालों के सम्मान और सार्वजनिक मंचों पर जिम्मेदार व्यवहार जैसे मुद्दों को फिर से चर्चा में ला दिया है. विवाद की शुरुआत एक स्टैंडअप कॉमेडी शो के दौरान हुई बातचीत से हुई. शो के दौरान दर्शकों से बातचीत करते हुए डॉक्टर सेजल पवार ने मेडिकल शिक्षा के दौरान शवों के साथ काम करने के अनुभव साझा किए. इसी दौरान उन्होंने पुरुष शवों के प्राइवेट पार्ट को लेकर एक टिप्पणी की, जिसे कई लोगों ने अनुचित और असंवेदनशील बताया.
इस बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. वीडियो सामने आने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने नाराजगी जताई. कई डॉक्टरों, मेडिकल छात्रों और आम नागरिकों ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां उन लोगों के सम्मान के खिलाफ हैं जिन्होंने मेडिकल शिक्षा और शोध के लिए अपने शरीर दान किए हैं. वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बहस शुरू हो गई. आलोचकों का कहना था कि शरीर दान करना एक बेहद सम्मानजनक और निस्वार्थ फैसला होता है. ऐसे में मेडिकल क्षेत्र से जुड़े किसी व्यक्ति द्वारा इस तरह की टिप्पणी करना लोगों की भावनाओं को आहत कर सकता है.
A female doctor said that when a dead body comes into the hospital, she and her friends joke about his dick size.
— ︎ ︎venom (@venom1s) June 10, 2026
But there is no outrage over that. She won't be fired from her job.
Girls can even sexualize a dead man, but that's fine?
Why is our society so biased? pic.twitter.com/p6IefgPKFK
कई यूजर्स ने यह भी चिंता जताई कि इस तरह की घटनाएं भविष्य में शरीर दान को लेकर लोगों के भरोसे को प्रभावित कर सकती हैं. उनका मानना था कि यदि दान किए गए शरीरों के प्रति सम्मान की भावना कमजोर होती दिखाई देगी, तो लोग ऐसे सामाजिक और वैज्ञानिक कार्यों में भाग लेने से हिचक सकते हैं.
बढ़ते विवाद और आलोचना के बीच डॉक्टर सेजल पवार ने सोशल मीडिया के माध्यम से माफी मांगी. अपने बयान में उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी टिप्पणियों से लोगों को दुख पहुंचा है और वह समझती हैं कि लोग क्यों नाराज हुए. उन्होंने कहा कि वीडियो को दोबारा देखने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि उनके शब्दों को अलग तरीके से समझा जा सकता है. उन्होंने यह भी साफ किया कि उनका उद्देश्य किसी का अनादर करना नहीं था, लेकिन वह इस बात को मानती हैं कि किसी भी टिप्पणी का प्रभाव उसके इरादे से ज्यादा महत्वपूर्ण होता है.
डॉक्टर पवार ने अपने बयान में यह भी कहा कि वह अपने शब्दों को सही साबित करने या किसी तरह की सफाई देने की कोशिश नहीं कर रही हैं. उन्होंने पूरी जिम्मेदारी लेते हुए उन सभी लोगों से माफी मांगी जो उनकी बातों से आहत हुए.