मुंबई: बॉलीवुड के एनर्जेटिक स्टार रणवीर सिंह इन दिनों फिल्म 'धुरंधर 2' को लेकर चर्चा में हैं, लेकिन साथ ही पुराने विवाद ने भी उन्हें फिर सुर्खियों में ला दिया है. मामला है 2025 के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया के क्लोजिंग सेरेमनी का, जहां रणवीर ने ऋषभ शेट्टी की फिल्म कांतारा के आइकॉनिक दैव सीन की मिमिक्री की थी. उन्होंने उस दैव को 'फीमेल घोस्ट' कह दिया और स्टेज पर उसकी नकल भी की, जिससे कई लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो गईं.
इस घटना के बाद हिंदू जनजागृति समिति और एक वकील प्रशांत मेथल की शिकायत पर गोवा और बेंगलुरु पुलिस में FIR दर्ज हुई. लोगों ने आरोप लगाया कि रणवीर ने चामुंडी देवी के दैव का मजाक उड़ाया, जो कोटितुलु समुदाय के लिए बेहद पवित्र है. विवाद इतना बढ़ा कि रणवीर की फिल्म धुरंधर पर कर्नाटक में बैन की मांग भी उठी.
रणवीर ने तुरंत इंस्टाग्राम पर माफी मांगी. उन्होंने लिखा- 'मेरा इरादा सिर्फ ऋषभ शेट्टी की अदाकारी की तारीफ करना था. एक्टर के तौर पर मुझे पता है कि वो सीन कितनी मेहनत से किया गया होगा. मैं हर संस्कृति, परंपरा और विश्वास का सम्मान करता हूं. अगर किसी की भावनाएं आहत हुईं तो मैं सच्चे दिल से माफी मांगता हूं.' लेकिन शिकायतकर्ताओं ने कहा कि सोशल मीडिया पोस्ट से काम नहीं चलेगा, सच्ची और व्यक्तिगत माफी चाहिए.
अब कर्नाटक हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही है. हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रणवीर सिंह 10 अप्रैल 2026 को कोर्ट में बिना शर्त माफी का हलफनामा दाखिल करेंगे. उनके वकील ने कोर्ट को बताया कि एक्टर खुद मैसूर के प्रसिद्ध चामुंडी मंदिर जाकर भी माफी मांगने को तैयार हैं. शिकायतकर्ता के वकील ने पहले माफी को महज औपचारिकता बताया था और कहा था कि मुंह से माफी नहीं मांगी गई.
हाईकोर्ट ने पहले रणवीर को अंतरिम राहत दी थी और पुलिस को कोई सख्त कार्रवाई न करने का आदेश दिया था. कोर्ट ने साफ कहा था- 'रणवीर सिंह हों या कोई और लूज टंग नहीं हो सकती. एक्टर होने के नाते आपकी जिम्मेदारी ज्यादा है. देवी-देवताओं के बारे में बोलते समय रिसर्च करनी चाहिए. 'ghost' कहना गलत है. माफी देने से शब्द वापस नहीं आते, इंटरनेट कभी नहीं भूलता.'
रणवीर इस समय धुरंधर 2 की सफलता का जश्न मना रहे हैं, जो मार्च 2026 में रिलीज हुई और दर्शकों को पसंद आ रही है. लेकिन यह विवाद उनकी इमेज पर असर डाल रहा है. एक्टर का कहना है कि उनका इरादा कभी किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था, बल्कि सिर्फ सह-कलाकार की सराहना करना था. अब सबकी नजर 10 अप्रैल की सुनवाई पर है. अगर रणवीर कोर्ट और मंदिर में माफी मांग लेते हैं तो मामला शांत हो सकता है.