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अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र की अलग-अलग विद्याओं पर सवाल उठाती है फिल्म, 'चरक' का धांसू ट्रेलर आउट

ट्रेलर में भारत के ग्रामीण इलाकों में फैले अंधविश्वास, रूढ़िवादिता और खतरनाक तांत्रिक रस्मों को दिखाया गया है, जो देखने वालों को झकझोर देने वाला है. ट्रेलर चरक मेला की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जहां लोग अपनी मनोकामनाओं को पूरा करने के लिए अजीबोगरीब रस्में निभाते हैं. इसमें विश्वास और अंधविश्वास के बीच की पतली रेखा को उजागर किया गया है. 

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Edited By: Antima Pal
अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र की अलग-अलग विद्याओं पर सवाल उठाती है फिल्म, 'चरक' का धांसू ट्रेलर आउट
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मुंबई: 'द केरल स्टोरी' के चर्चित निर्देशक सुदीप्तो सेन ने अब प्रोड्यूसर की भूमिका में कदम रखा है. उनकी पहली प्रोडक्शन फिल्म 'चरक: फेयर ऑफ फेथ' का ऑफिशियल ट्रेलर आज रिलीज हो गया है, जो दर्शकों को काफी प्रभावित कर रहा है. यह फोकलोर थ्रिलर 6 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. 

तांत्रिक जगत के रहस्य से उठेगा पर्दा! 

ट्रेलर में भारत के ग्रामीण इलाकों में फैले अंधविश्वास, रूढ़िवादिता और खतरनाक तांत्रिक रस्मों को दिखाया गया है, जो देखने वालों को झकझोर देने वाला है. ट्रेलर चरक मेला की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जहां लोग अपनी मनोकामनाओं को पूरा करने के लिए अजीबोगरीब रस्में निभाते हैं. इसमें विश्वास और अंधविश्वास के बीच की पतली रेखा को उजागर किया गया है. 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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ट्रेलर में अघोरी जैसी प्रथाएं, बलि देने की रस्में, शारीरिक कष्ट सहने वाली विधियां और तंत्र-मंत्र की विभिन्न शैलियां दिखाई गई हैं. माहौल इतना डरावना है कि विश्वास की जगह डर और भय हावी हो जाता है. ट्रेलर का टैगलाइन भी काफी प्रभावशाली है - 'विश्वास बचा सकता है, अंधविश्वास बर्बाद कर सकता है.'

तंत्र-मंत्र की अलग-अलग विद्याओं पर सवाल उठाती है फिल्म

फिल्म को शीलादित्य मौलिक ने डायरेक्ट किया है. इसमें मजबूत कलाकारों की टीम है - अंजलि पाटिल, साहिदुर रहमान, सुब्रत दत्ता, शशि भूषण, नलनीश नील, शंखदीप और शौनक श्यामल मुख्य भूमिकाओं में हैं. ये सभी कलाकार अपने किरदारों के जरिए मनोवैज्ञानिक गहराई और ग्रामीण परंपराओं के अंधेरे पक्ष को जिंदा करते नजर आते हैं. 

सामाजिक मुद्दों पर भी सवाल उठाती है फिल्म

सुदीप्तो सेन ने इस फिल्म को भारतीय ग्रामीण इलाकों की वास्तविक घटनाओं से प्रेरित बताया है, जहां लोग अंधविश्वास के चक्कर में खतरनाक रास्ते अपनाते हैं. ट्रेलर में दिखाया गया है कि कैसे एक त्योहार के नाम पर समाज में डर और शोषण फैलता है. यह फिल्म सिर्फ थ्रिलर नहीं, बल्कि सामाजिक मुद्दों पर भी सवाल उठाती है - क्या विश्वास की आड़ में कोई भी हद पार करना जायज है?

6 मार्च को होगी रिलीज

फिल्म की प्रोडक्शन सिपिंग टी सिनेमाज और सुदीप्तो सेन प्रोडक्शंस के बैनर तले हुई है, जबकि पेन स्टूडियोज इसे प्रेजेंट कर रही है. ट्रेलर रिलीज के बाद सोशल मीडिया पर लोग इसे 'गट रेंचिंग' और 'हिंदी सिनेमा में कुछ नया' बता रहे हैं. कई दर्शक इसे देखकर डर गए हैं, तो कुछ इसे विचारोत्तेजक कह रहे हैं. 6 मार्च को रिलीज होने वाली यह फिल्म निश्चित रूप से बॉक्स ऑफिस पर चर्चा बटोरेगी, खासकर उन लोगों के बीच जो सामाजिक मुद्दों पर बनी थ्रिलर पसंद करते हैं.