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दो शादियां, ससुराल में अत्याचार, बेटी की खुदकुशी और बेटे की मौत; आशा भोसले के अनकहे दर्द की कहानी

मशहूर सिंगर आशा भोसले का आज निधन हो गया है.उनकी जिंदगी सिर्फ सुरों की नहीं, संघर्षों की भी कहानी है. दो शादियां, घरेलू हिंसा, बच्चों की दुखद मौत और निजी दर्द के बावजूद उन्होंने संगीत में अपना मुकाम कायम किया.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
दो शादियां, ससुराल में अत्याचार, बेटी की खुदकुशी और बेटे की मौत; आशा भोसले के अनकहे दर्द की कहानी
Courtesy: ani

मशहूर गायिका आशा भोसले का मुंबई के अस्पताल में निधन हो गया है. इसकी पुष्टी उनके बेटे आनंद भोसले ने की है. आशा भोसले की जिंदगी सिर्फ सुरों की नहीं, संघर्षों की भी कहानी है. दो शादियां, घरेलू हिंसा, बच्चों की दुखद मौत और निजी दर्द के बावजूद उन्होंने संगीत में अपना मुकाम कायम किया था.

बचपन में ही जिम्मेदारियों का बोझ

आशा भोसले का जन्म 1933 में महाराष्ट्र के सांगली में हुआ था. उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर एक प्रसिद्ध गायक थे, लेकिन जब आशा सिर्फ 9 साल की थीं, तभी उनके पिता का निधन हो गया. इस घटना ने पूरे परिवार को आर्थिक संकट में डाल दिया. छोटी उम्र में ही आशा और उनकी बहन लता मंगेशकर ने गाना गाकर परिवार की जिम्मेदारी संभाली. बचपन का यह संघर्ष ही उनके व्यक्तित्व की सबसे मजबूत नींव बना.

कम उम्र में पहली शादी और बड़ा फैसला

महज 16 साल की उम्र में आशा भोसले ने घर से भागकर अपने से 15 साल बड़े गणपतराव भोसले से शादी कर ली. यह फैसला उनके परिवार को मंजूर नहीं था. इस शादी ने उन्हें परिवार से दूर कर दिया. शुरुआत में सब ठीक लगा, लेकिन समय के साथ रिश्ते में दरारें आने लगीं. यह कदम उनके जीवन का सबसे बड़ा जोखिम साबित हुआ, जिसने आगे चलकर उन्हें गहरे दर्द से गुजरने पर मजबूर किया.

ससुराल में अत्याचार और टूटता रिश्ता

शादी के बाद आशा भोसले को ससुराल में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. उनके साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की घटनाएं सामने आईं. हालात इतने खराब हो गए कि उन्होंने पति का घर छोड़ने का फैसला लिया. उस समय वह गर्भवती भी थीं. यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने अपने आत्मसम्मान को चुना और बच्चों के साथ नई शुरुआत की.

अकेले संभाली बच्चों की जिम्मेदारी

पति से अलग होने के बाद आशा भोसले ने अपने तीन बच्चों की परवरिश अकेले की. उन्होंने अपने करियर को आगे बढ़ाया और धीरे-धीरे संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई. आर्थिक और मानसिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी. यह दौर उनके जीवन का सबसे कठिन समय था, लेकिन यही संघर्ष उन्हें मजबूत बनाता गया.

बच्चों की जिंदगी में भी दर्द की कहानी

आशा भोसले की निजी जिंदगी में दुख कम नहीं हुए. उनके बड़े बेटे हेमंत भोसले का 2015 में कैंसर से निधन हो गया. वहीं उनकी बेटी वर्षा भोसले, जो एक पत्रकार थीं, उन्होंने 2012 में आत्महत्या कर ली. इन घटनाओं ने आशा को अंदर तक झकझोर दिया. एक मां के लिए अपने बच्चों को खोना सबसे बड़ा दर्द होता है, और उन्होंने यह दर्द सहा.

आरडी बर्मन के साथ नई शुरुआत

पहली शादी के लगभग 20 साल बाद आशा भोसले ने मशहूर संगीतकार आरडी बर्मन से शादी की. यह रिश्ता उनके जीवन में खुशियां लेकर आया. दोनों ने साथ में कई हिट गाने दिए और एक-दूसरे का सहारा बने. हालांकि, यह साथ ज्यादा लंबा नहीं चला और 14 साल बाद आरडी बर्मन का निधन हो गया. इसके बाद आशा एक बार फिर अकेली रह गईं.

संगीत में बनाया अमिट नाम

आशा भोसले ने अपने करियर में 12,000 से ज्यादा गाने गाए हैं. उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है. उन्हें दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड और पद्म विभूषण जैसे बड़े सम्मान भी मिले हैं. उनकी आवाज ने कई पीढ़ियों को प्रभावित किया है और आज भी वह संगीत प्रेमियों के दिलों में खास जगह रखती हैं. वो अब इस दुनिया में नहीं है लेकिन उनकी यादें और उनके द्वारा गाए गए गाने हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे