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जब Asha Bhosle की आंखों के सामने जवान बेटे-बेटी ने तोड़ा था दम, नहीं टूटी थी सिंगर की हिम्मत

महान गायिका आशा भोसले की जिंदगी सिर्फ सुरों की कहानी नहीं बल्कि दर्द और संघर्ष की भी मिसाल है. कम उम्र में काम, असफल शादी, बच्चों की मौत और अब गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती होने की खबर ने सभी को भावुक कर दिया है.

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Edited By: Babli Rautela
जब Asha Bhosle की आंखों के सामने जवान बेटे-बेटी ने तोड़ा था दम, नहीं टूटी थी सिंगर की हिम्मत
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मुंबई: भारत की मशहूर पार्श्व गायिका आशा भोसले का आज 12 अप्रैल 2026 को कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया है. कल रात अचानक आए कार्डियक अरेस्ट के बाद उन्हें तुरंत मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उनका इलाज आईसीयू में चल रहा है. इस खबर ने उनके करोड़ों चाहने वालों को चिंता में डाल दिया है. संगीत की दुनिया में दशकों तक राज करने वाली इस आवाज के पीछे एक ऐसी कहानी छिपी है जिसे जानकर हर कोई भावुक हो जाता है.

आशा भोसले का जन्म 8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में हुआ था. उनके पिता दीनानाथ मंगेश्कर एक जाने माने संगीतकार और रंगमंच कलाकार थे. बचपन से ही घर में संगीत का माहौल था. लेकिन जब वह बहुत छोटी थीं तभी उनके पिता का निधन हो गया. इस घटना ने पूरे परिवार को आर्थिक संकट में डाल दिया. मजबूरी में आशा भोसले और उनकी बहन लता मंगेशकर को बहुत कम उम्र में ही काम शुरू करना पड़ा.

कम उम्र में शादी और मुश्किल भरी जिंदगी

सिर्फ 16 साल की उम्र में आशा भोसले ने अपने से काफी बड़े गणपतराव भोसले से शादी कर ली. यह फैसला उनके परिवार को पसंद नहीं आया और रिश्तों में दूरियां आ गईं. शादी के बाद उनकी जिंदगी और भी कठिन हो गई. बताया जाता है कि उनके पति का व्यवहार बेहद कठोर था. उन्हें मानसिक और शारीरिक दोनों तरह की परेशानियां झेलनी पड़ीं.

हालात इतने खराब हो गए कि एक समय गर्भावस्था के दौरान उन्होंने आत्महत्या की कोशिश भी की. हालांकि वह बच गईं, लेकिन यह घटना उनके जीवन का बेहद दर्दनाक अध्याय रही. आखिरकार साल 1960 में उन्होंने इस रिश्ते को खत्म कर दिया और खुद को संभालते हुए आगे बढ़ीं.

संगीत ने दिया नई जिंदगी का सहारा

शादी टूटने के बाद उन्होंने पूरी तरह से संगीत पर ध्यान दिया. इसी दौरान उनकी मुलाकात मशहूर संगीतकार R. D. Burman से हुई. दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बाद में उन्होंने शादी कर ली. यह रिश्ता उनके जीवन में एक नई उम्मीद लेकर आया. आर डी बर्मन के साथ उन्होंने कई सुपरहिट गाने दिए और अपने करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया.

बेटी-बेटे की मौत ने तोड़ दिया दिल

जिंदगी में आए संघर्ष यहीं खत्म नहीं हुए. साल 2012 में उनकी बेटी वर्षा भोसले ने आत्महत्या कर ली. यह खबर उनके लिए किसी सदमे से कम नहीं थी. इसके बाद साल 2015 में उनके बेटे हेमंत भोसले का कैंसर से निधन हो गया. अपने बच्चों को खोना किसी भी मां के लिए सबसे बड़ा दुख होता है. इन घटनाओं ने उन्हें अंदर से झकझोर कर रख दिया. कहा जाता है कि इन दोनों घटनाओं के बाद वह मानसिक रूप से काफी टूट गई थीं. लेकिन उन्होंने खुद को संभाला और अपने काम को जारी रखा.

आशा भोसले की खासियत यही रही कि उन्होंने अपने दर्द को अपनी आवाज में ढाल दिया. उनके गानों में जो भावनाएं सुनाई देती हैं, वह उनके जीवन के अनुभवों से ही आती हैं. उन्होंने हजारों गाने गाए और हर तरह के संगीत में अपनी पहचान बनाई. चाहे रोमांटिक गीत हों, गजल हो या तेज रफ्तार गाने, हर शैली में उन्होंने कमाल किया.