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UGC-NET में भी पेपर लीक का साया! सोशलॉजी परीक्षा पर उठे सवाल, शिक्षा मंत्रालय ने दिए जांच के आदेश

यूजीसी-नेट की सोशलॉजी परीक्षा के कथित पेपर लीक के दावों के बाद शिक्षा मंत्रालय ने एनटीए को जांच के निर्देश दिए हैं. विपक्ष ने मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
UGC-NET में भी पेपर लीक का साया! सोशलॉजी परीक्षा पर उठे सवाल, शिक्षा मंत्रालय ने दिए जांच के आदेश
Courtesy: GameonNewbie

देश की प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है. यूजीसी-नेट जून 2026 की सोशलॉजी परीक्षा में कथित पेपर लीक के दावों के बाद शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को पूरे मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं. हालांकि, अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है और न ही पेपर लीक की आधिकारिक पुष्टि की गई है.

सोशल मीडिया पर पेपर लीक का दावा

सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि 30 जून को आयोजित सोशलॉजी परीक्षा से पहले 100 पन्नों का एक पीडीएफ प्रसारित हुआ था, जिसमें मौजूद करीब 90 सवाल वास्तविक परीक्षा के प्रश्नपत्र से मेल खाते थे. रिपोर्टों में यह भी आरोप लगाया गया कि यह कथित प्रश्नपत्र बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में करीब 2.25 लाख रुपये में बेचा जा रहा था. इन दावों की सत्यता की जांच अब एनटीए करेगा.

राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

इस बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी इस मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि बार-बार पेपर लीक की घटनाओं के बावजूद सरकार परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम रही है. राहुल गांधी ने यह भी कहा कि लाखों छात्रों की मेहनत दांव पर लगी है और उन्हें न्याय मिलना चाहिए. साथ ही उन्होंने छात्रों से अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की.

नीट-यूजी पेपर लीक पर पूरे देश में मचा था बवाल

इससे पहले नीट-यूजी परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला भी देशभर में चर्चा का विषय बना था. उस परीक्षा को रद्द कर जांच सीबीआई को सौंपी गई थी और मामले में कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी. बाद में दोबारा परीक्षा आयोजित की गई. ऐसे में यूजीसी-नेट को लेकर सामने आए नए आरोपों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है. अब सभी की नजर शिक्षा मंत्रालय और एनटीए की जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि पेपर लीक के दावे सही हैं या नहीं.