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इन शहरों में है आपकी प्रोपर्टी तो हो जाएंगे करोड़पति! 2030 तक बढ़ जाएंगे कई गुना दाम

भारत का रियल एस्टेट सेक्टर तेजी से बदल रहा है और अगले पांच वर्षों में कुछ शहर निवेशकों के लिए सबसे बड़े हॉटस्पॉट बनकर उभरने वाले हैं.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
इन शहरों में है आपकी प्रोपर्टी तो हो जाएंगे करोड़पति! 2030 तक बढ़ जाएंगे कई गुना दाम
Courtesy: social media

नई दिल्ली: भारत में रियल एस्टेट का सिनेरियो नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है. घर खरीदने वालों के लिए अब यह सिर्फ जरूरत नहीं बल्कि एक रणनीतिक निवेश का जरिया बन गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगले पांच सालों में कुछ प्रमुख शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतें तेजी से बढ़ेंगी. 

Homebazaar की रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक ऐसे सात शहर हैं जो निवेशकों के लिए सबसे लाभदायक साबित हो सकते हैं. ये शहर न सिर्फ विकास के केंद्र हैं बल्कि भविष्य के रिटर्न के भी मजबूत संकेत दे रहे हैं.

पुणे में इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट से बढ़ेगी प्रॉपर्टी वैल्यू

पुणे में ₹50,000 करोड़ से अधिक के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स जैसे रिंग रोड, मेट्रो विस्तार और एयरपोर्ट अपग्रेडेशन से रियल एस्टेट बाजार में तेजी आएगी. पिछले दशक में यहां 80% तक मूल्य वृद्धि दर्ज की गई थी. आईटी और एजुकेशन सेक्टर की बढ़ती मांग के चलते यहां किराया दरें 6-7% तक रहने की उम्मीद है. विशेषज्ञ मानते हैं कि 2030 तक पुणे निवेशकों के लिए सबसे भरोसेमंद बाजार बनेगा.

हैदराबाद में टेक हब में लगातार बढ़ती डिमांड

हैदराबाद के गाचीबोवली, हाईटेक सिटी और फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट जैसे इलाकों में प्रॉपर्टी की मांग चरम पर है. तेलंगाना सरकार के ₹25,000 करोड़ से अधिक के इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से यहां के रियल एस्टेट की चमक और बढ़ेगी. कुछ इलाकों में सालाना 20% तक मूल्य वृद्धि देखी गई है. यह शहर आईटी सेक्टर और मजबूत सुविधाओं के चलते निवेशकों के लिए सबसे आकर्षक विकल्प बन गया है.

मुंबई-नवी मुंबई में कनेक्टिविटी से खुले नए अवसर

मुंबई और नवी मुंबई का रियल एस्टेट बाजार लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है. मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (MTHL), नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और नई मेट्रो लाइनों जैसे प्रोजेक्ट्स ने निवेश के नए रास्ते खोले हैं. ठाणे, खारघर और उल्वे जैसे इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ने से प्रॉपर्टी की कीमतों में स्थायी बढ़ोतरी की उम्मीद है. 2030 तक यह क्षेत्र निवेशकों के लिए प्रीमियम डेस्टिनेशन साबित होगा.

बेंगलुरु और चेन्नई में टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री की ताकत

बेंगलुरु में आईटी और ग्लोबल कंपनियों की मौजूदगी के कारण व्हाइटफील्ड, हेब्बल और सरजापुर रोड जैसे इलाकों में तेजी से विकास हो रहा है. वहीं, चेन्नई में मेट्रो फेज़-2, आउटर रिंग रोड और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट्स रियल एस्टेट को नई रफ्तार दे रहे हैं. दोनों शहरों में कामकाजी युवाओं और एनआरआई निवेश के चलते स्थिर और सुरक्षित वृद्धि की संभावना है.

एनसीआर, लखनऊ और कोलकाता

गुरुग्राम और नोएडा एनसीआर की तस्वीर बदल रहे हैं. साइबर सिटी और फिल्म सिटी जैसे प्रोजेक्ट्स के चलते यहां के रेट लगातार बढ़ रहे हैं. लखनऊ में स्मार्ट सिटी मिशन और एयरपोर्ट विस्तार ने निवेशकों का ध्यान खींचा है. वहीं, कोलकाता में ईस्ट-वेस्ट मेट्रो और नए आईटी हब प्रोजेक्ट्स से 2030 तक प्रॉपर्टी वैल्यू में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है.

भारत का रियल एस्टेट अब केवल खरीद-फरोख्त नहीं, बल्कि दीर्घकालिक निवेश का अवसर बन चुका है. Homebazaar की रिपोर्ट बताती है कि आने वाले वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी नीतियों के चलते इन शहरों में रिटर्न कई गुना बढ़ सकते हैं. जो निवेशक अभी इन उभरते शहरों को पहचान लेंगे, वे भविष्य में सबसे बड़े मुनाफे के भागीदार बन सकते हैं.