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भारत-अमेरिका में आखिर कब होगा व्यापार समझौता? सरकार ने दिया फाइनल जवाब

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और समझौते को लेकर कोई टकराव नहीं है, लेकिन नई टैरिफ व्यवस्था स्पष्ट होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
भारत-अमेरिका में आखिर कब होगा व्यापार समझौता? सरकार ने दिया फाइनल जवाब
Courtesy: pinterest

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर अभी काम जारी है. सरकार का कहना है कि इस समझौते पर हस्ताक्षर तभी होंगे जब अमेरिका अपनी नई टैरिफ (आयात शुल्क) नीति तैयार कर लेगा. वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और समझौते को लेकर कोई टकराव नहीं है, लेकिन नई टैरिफ व्यवस्था स्पष्ट होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बदली स्थिति

दरअसल, इस साल की शुरुआत में अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला दिया था. अदालत ने राष्ट्रपति के उस अधिकार को रद्द कर दिया, जिसके तहत वे अपने आदेश से आयात पर शुल्क लगा सकते थे. इस फैसले के बाद पहले से लागू कई टैरिफ नियम खत्म हो गए. अब अमेरिकी प्रशासन नई टैरिफ संरचना तैयार कर रहा है. इसी कारण भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर फिलहाल टल गए हैं.

पहले मार्च में होने की थी उम्मीद

सरकार के अनुसार शुरुआत में उम्मीद थी कि यह समझौता मार्च महीने में ही हो जाएगा लेकिन अदालत के फैसले के बाद परिस्थितियां बदल गईं. अभी अमेरिका में अस्थायी रूप से एक अन्य प्रावधान के तहत टैरिफ लगाए जा रहे हैं, जो कुछ महीनों तक लागू रहेंगे. इसके बाद नई व्यवस्था आने की संभावना है.

पश्चिम एशिया के व्यापार पर भी असर

वाणिज्य सचिव ने यह भी बताया कि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे तनाव का असर भारत के व्यापार पर भी पड़ सकता है. खासतौर पर पश्चिम एशिया के देशों के साथ व्यापार में कुछ दिक्कतें आ सकती हैं. जहाजों की आवाजाही और हवाई कार्गो में देरी जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं, जिससे निर्यात और आयात दोनों प्रभावित हो सकते हैं. हालांकि सरकार का मानना है कि यह असर बहुत बड़ा नहीं होगा और बातचीत के जरिए स्थिति संभालने की कोशिश की जा रही है.

निर्यात को बढ़ाने की तैयारी

सरकार पश्चिम एशिया में संभावित नुकसान की भरपाई दूसरे बाजारों में निर्यात बढ़ाकर करने की योजना बना रही है. इसके लिए कुछ नई सहायता योजनाओं पर भी विचार किया जा रहा है, जिनकी घोषणा जल्द हो सकती है. सरकार को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष में देश का कुल वस्तु और सेवा निर्यात करीब 860 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है. अधिकारियों का कहना है कि लक्ष्य यही है कि इस साल का निर्यात पिछले साल से बेहतर रहे.