मुंबई: भारतीय शेयर बाजार आज पिछले सत्र की भारी गिरावट के बाद सकारात्मक नोट पर खुले. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई. वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों और वित्तीय तथा चक्रीय शेयरों में खरीदारी के कारण बाजार में रिकवरी दिखी. हालांकि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण निवेशक अभी भी सतर्क बने हुए हैं. कल बाजार ने 5 दिनों की लगातार बढ़त का सिलसिला तोड़ा था. आज सुबह 9:16 बजे सेंसेक्स 417 अंक या 0.54 प्रतिशत ऊपर 77,048 पर और निफ्टी 134 अंक ऊपर 23,909 पर कारोबार कर रहा था.
कल यानी 9 अप्रैल को Sensex 931 अंक और Nifty 222 अंक टूटकर बंद हुआ था. आज उस गिरावट की भरपाई होती दिख रही है. बाजार में सकारात्मक माहौल है और ज्यादातर शेयर हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं. 1,727 शेयर बढ़त पर, 351 गिरावट पर और 118 स्थिर हैं. यह रिकवरी GIFT Nifty के मजबूत संकेतों और एशियाई बाजारों की बढ़त पर आधारित है. जापान का Nikkei और दक्षिण कोरिया का Kospi 1-2 प्रतिशत ऊपर हैं. फिर भी निवेशक अमेरिका-ईरान सीजफायर की स्थिरता और लेबनान-इजराइल तनाव को लेकर सतर्क हैं.
आज बैंकिंग, ऑटो, रियल्टी और ऑयल एंड गैस सेक्टर 1 से 1.3 प्रतिशत तक मजबूत हुए. मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी करीब 1 प्रतिशत ऊपर हैं. वित्तीय शेयरों में अच्छी खरीदारी दिखी. Axis Bank, Bajaj Finserv और Shriram Finance 1 से 2.5 प्रतिशत तक चढ़े. Power Grid और InterGlobe Aviation भी टॉप गेनर्स में शामिल रहे. वहीं IT सेक्टर में दबाव बना रहा. Nifty IT इंडेक्स 1.6 प्रतिशत गिरा. TCS, Infosys, Tech Mahindra और HCL Tech 1.5 से 2 प्रतिशत तक टूटे.
वैश्विक स्तर पर संकेत सकारात्मक लेकिन सतर्क रहे. एशियाई बाजार सुबह बढ़त के साथ खुले. लेकिन कच्चे तेल की कीमतें फिर बढ़कर Brent 96-97 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई हैं. हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जारी अस्थिरता के कारण आपूर्ति जोखिम बढ़ा है. इससे महंगाई की चिंता बनी हुई है. विदेशी संस्थागत निवेशकों ने कल 1,700 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 955 करोड़ रुपये की खरीदारी की.
विश्लेषकों का मानना है कि बाजार कल की गिरावट के बाद रिकवरी की कोशिश कर रहा है. Nifty 24,000 के स्तर पर रेजिस्टेंस और 23,700-23,600 के आसपास सपोर्ट दिख रहा है. आकाश शाह ने कहा कि GIFT Nifty के सकारात्मक संकेतों से शुरुआत अच्छी हुई है लेकिन कुल माहौल अभी सतर्क है. निवेशक अब संस्थागत फ्लो और वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर रख रहे हैं.