मशहूर एंटरप्रेन्योर और मोटिवेशनल स्पीकर अंकुर वारिकू ने हाल ही में अपने करियर के इंस्पिरेशनल सफर को साझा किया है. उन्होंने बताया कि कैसे अपनी कड़ी मेहनत और पक्के इरादे के दम पर उन्होंने महज पांच साल के भीतर अपनी सैलरी को 14,750 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 33 लाख सालाना तक पहुंचा दिया.
इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में अंकुर वारिकू ने अपने करियर के शुरुआती दिनों के संघर्षों के बारे में बात की है. उन्होंने बताया कि अमेरिका में अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ने के बाद जब वे भारत लौटे तो अपने भविष्य को लेकर काफी उलझन और अनिश्चितता में थे. 24 साल की उम्र में उन्होंने वॉक-इन इंटरव्यू में जाकर और रोज अखबारों में विज्ञापन देखकर नौकरियों की तलाश शुरू की.
करीब 45 दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद वे आखिरकार एनआईएस स्पार्टा नाम की एक कंपनी के आखिरी इंटरव्यू राउंड तक पहुंचे. वारिकू ने बताया कि वे करीब 10,000 रुपये महीने की सैलरी की उम्मीद कर रहे थे लेकिन कंपनी ने उन्हें 15,000 रुपये प्रति माह का ऑफर दिया जिसमें से टैक्स वगैरह कटने के बाद 14,750 रुपये मिलते थे. ये रुपये उस समय उनके लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि जैसी थी.
उन्होंने बताया कि वहां काम करने के दौरान उन्होंने ध्यान दिया कि उनके ज्यादातर सहकर्मी एमबीए पास थे. खुद को थोड़ा कम योग्य महसूस करने पर उन्होंने भी एमबीए करने के बारे में सोचना शुरू किया. उसी दौरान 'इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस' ने अपना एक साल का एमबीए प्रोग्राम लॉन्च किया था. हालांकि यह कोर्स काफी महंगा था और इसके लिए उन्हें एक बड़ा एजुकेशन लोन लेना पड़ा जो उनके परिवार ने पहले कभी नहीं किया था.
वारिकू ने बताया कि उस लोन की मासिक किस्त करीब 20,000 रुपये थी. इतना बड़ा जोखिम उठाने से पहले उन्होंने खुद से सवाल किया कि क्या वे एमबीए पूरा करने के बाद कम से कम 35,000 रुपये महीने की नौकरी पा सकेंगे? खुद पर भरोसा होने के कारण उन्होंने आगे बढ़ने का फैसला किया.
ISB में वे आईआईटी ग्रैजुएट्स, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स , डॉक्टरों और डिफेंस ऑफिसर्स जैसे बेहद प्रतिभाशाली छात्रों से घिरे हुए थे. उन्होंने कहा कि इस अनुभव ने उन्हें दूसरों को देखने उनसे सीखने और आगे बढ़ने का मौका दिया.
बाद में उन्हें कंसल्टिंग के क्षेत्र के बारे में पता चला और उन्होंने इसके इंटरव्यू के लिए जी-जान से तैयारी की. कई राउंड क्लियर करने के बाद उन्होंने कैंपस की सबसे बेहतरीन कंसल्टिंग नौकरियों में से एक हासिल कर ली. इससे उनकी सैलरी बढ़कर 12 लाख रुपये सालाना हो गई और महज डेढ़ साल के भीतर प्रमोशन पाकर वे 33 लाख रुपये सालाना कमाने लगे.
वारिकू ने अपनी बात यह कहते हुए खत्म की कि सफलता की शुरुआत भले ही किसी और के दिए मौके से हो सकती है लेकिन आपकी तरक्की इस बात पर निर्भर करती है कि आप उसके बाद कितनी कड़ी मेहनत करते हैं.