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India Daily

10 से 15 रुपये तक कम होंगे पेट्रोल-डीजल के दाम? चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने सरकार बताया प्लान!

भारत में बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के दामों को लेकर चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने सरकार से गुहार लगाई है. सीटीआई ने सरकार से तेल की कीमतों में 10 से 15 रुपये प्रति लीटर की कटौती कर जनता को तुरंत राहत देने की मांग की है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
10 से 15 रुपये तक कम होंगे पेट्रोल-डीजल के दाम? चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने सरकार बताया प्लान!
Courtesy: pintrest

भारत में पिछले 10 दिनों के भीतर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है जिसे लेकर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है और आम जनता के साथ-साथ व्यापारी भी बेहद परेशान हैं. ईंधन के दामों में लगातार हो रहे इस इजाफे के बीच चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने सरकार से गुहार लगाई है कि तेल की कीमतों में 10 से 15 रुपये प्रति लीटर की कटौती कर जनता को तुरंत राहत दी जाए.

CTI के चेयरमैन ने पेट्रोलियम मंत्री को लिखा पत्र

CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने इसको लेकर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने बढ़ते दामों को काबू में करने के लिए तुरंत कदम उठाने की मांग की है. इसके साथ ही उन्होंने सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों की एक इमरजेंसी बैठक बुलाने का भी अनुरोध किया है ताकि जनता पर पड़ रहे इस वित्तीय बोझ को कम करने के उपायों पर चर्चा की जा सके.

वैट घटाने का दिया सुझाव

गोयल ने अपने सुझाव में कहा कि सभी राज्यों को अगले तीन महीनों के लिए पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले वैट को घटाकर फ्लैट 5 फीसदी कर देना चाहिए. CTI का मानना है कि इस कदम से ईंधन की कीमतें 10 से 15 रुपये प्रति लीटर तक कम हो सकती हैं जिससे महंगाई की मार झेल रहे आम लोगों, ट्रांसपोर्टरों और कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी.

संगठन ने साफ किया कि एक्साइज ड्यूटी पर जहां केंद्र सरकार का नियंत्रण होता है वहीं वैट का फैसला राज्य सरकारें करती हैं. इसलिए इस मुश्किल समय में केंद्र और राज्यों दोनों को मिलकर काम करना होगा. गोयल ने ध्यान दिलाया कि देश के 21 राज्यों में बीजेपी या एनडीए की सरकारें हैं ऐसे में केंद्र के लिए टैक्स में इस अस्थाई कटौती को लागू करवाना और तालमेल बिठाना काफी आसान होगा.

पिछले 10 दिन में चार बार बढ़े दाम 

बता दें कि पिछले महज 10 दिनों में ईंधन के दाम चार बार बढ़ाए गए हैं. पहली बढ़ोतरी 15 मई को हुई थी जब पेट्रोल-डीजल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर बढ़े थे. इसके बाद 19 मई को कीमतें फिर करीब 90 पैसे बढ़ीं. 23 मई को दामों में 87 पैसे का एक और इजाफा हुआ और फिर अगले 48 घंटों के भीतर कीमतें 2 रुपये से ज्यादा बढ़ गईं. कुल मिलाकर इस छोटी सी अवधि में तेल के दाम करीब 7.50 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ चुके हैं.

इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि सरकार किस्तों में कीमतें बढ़ा रही है ताकि जनता को इस आर्थिक झटके का तुरंत अहसास न हो. उन्होंने कहा कि इस महंगाई से आम परिवारों का बजट बिगड़ रहा है और आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ने का अंदेशा है.