भारतीय शेयर बाजार लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है. लगातार बड़ी संख्या में नए निवेशक शेयर मार्केट से जुड़ रहे है जो भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था का संकेत है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अकेले अप्रैल महीने में शेयर बाजार से 10.1 लाख नए निवेशक जुड़े हैं. भारतीय शेयर बाजारों ने अप्रैल 2025 में मजबूत वृद्धि दर्ज की.
एक महीने में 5 फीसदी उछला निफ्टी
बेंचमार्क निफ्टी 50 इंडेक्स में इस महीने 5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. निफ्टी 50 जो महीने की शुरुआत में 23,165 अंक पर था वह 30 अप्रैल तक 24,334 अंक तक चढ़ गया. बाजार में लगातार वृद्धि निवेशकों के बीच बाजार के लिए पॉजिटिव सेंटिमेंट्स को दर्शाती है.
एनएसई के मुताबिक, अप्रैल 2025 के अंत तक रजिस्टर्ड निवेशकों की संख्या 11.4 करोड़ थी जिसमें माह के अंत में 10.1 लाख निवेशक जुड़े जो पिछले वर्ष की तुलना में 22.1 प्रतिशत मजबूत वृद्धि को दर्शाता है.
हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हाल के महीनों में नए निवेशकों के रजिस्ट्रेशन की गति थोड़ी धीमी हुई है और अप्रैल लगातार तीसरा महीना रहा है जब नए निवेशकों के जुड़ने में गिरावट आई है. एनएसई के साथ रजिस्टर्ड क्लाइंट कोड की कुल संख्या 22.4 करोड़ थी.
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक साल में निवेशकों की भागीदारी में लगातार वृद्धि हुई है. एनएसई ने बताया है कि फरवरी 2024 में निवेशकों की संख्या 9 करोड़ के पार हो गई, अगस्त 2024 तक बढ़कर 10 करोड़ और 20 जनवरी 2025 तक 11 करोड़ तक पहुंच गई.
संरक्षण उपायों से बढ़ रहा निवेशकों का भरोसा
एनएसई ने बताया कि हाल के वर्षों में सेबी द्वारा निवेशकों के हितों के लिए उठाये गए कदमों के कारण निवेशकों का वित्तीय बाजारों पर विश्वास बढ़ाने में मदद मिली है.
उत्तर भारत सबसे आगे
क्षेत्रवार बात करें तो अप्रैल 2025 तक 4.1 करोड़ रजिस्टर्ड निवेशकों के साथ उत्तर भारत सबसे आगे है, वहीं 3.4 करोड़ निवेशकों के साथ पश्चिम भारत, 2.3 करोड़ के साथ दक्षिण और 1.4 करोड़ के साथ पूर्वी भारत का स्थान है.
वार्षिक वृद्धि की बात करें तो उत्तर भारत में सबसे अधिक 25 प्रतिशत वृद्धि देखी गई है, इसके बाद 24.6 प्रतिशत वृद्धि के साथ पूर्वी भारत, 22.3 प्रतिशत वृद्धि के साथ दक्षिण भारत और 18.3 प्रतिशत वृद्धि के साथ पश्चिम भारत का नंबर आता है.