नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने विदेश यात्रा से लौटने वाले भारतीय नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है. 2 फरवरी 2026 से प्रभावी हुए नए 'बैगेज रूल्स 2026' ने पुराने नियमों को बदल दिया है. इस फैसले से एनआरआई और विदेश से खरीदारी करके लौटने वाले लोगों को सीधा फायदा मिलेगा. सरकार का उद्देश्य कस्टम प्रक्रिया को सरल बनाना और यात्रियों पर पड़ने वाले अतिरिक्त कर के बोझ को कम करना है ताकि यात्रा का अनुभव पहले से अधिक सुखद और पारदर्शी हो सके.
नए नियमों के तहत, भारतीय नागरिकों और वैध वीजा वाले विदेशी निवासियों (टूरिस्ट वीजा छोड़कर) के लिए शुल्क मुक्त सामान की सीमा ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 कर दी गई है. यह सुविधा हवाई और समुद्री मार्ग से आने वाले यात्रियों के लिए उपलब्ध होगी. हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सीमा व्यक्तिगत है और इसे किसी दूसरे यात्री की लिमिट के साथ नहीं जोड़ा जा सकता. हर यात्री को अपने निर्धारित कोटे के भीतर ही सामान लाने की अनुमति होगी.
सरकार ने भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों के लिए भी नियमों को उदार बनाया है. अब विदेशी टूरिस्ट अपने साथ 25,000 रूपये तक का सामान बिना किसी कस्टम ड्यूटी के भारत ला सकते हैं. यह नियम उन सैलानियों पर लागू होगा जो हवाई या समुद्री मार्ग का उपयोग कर रहे हैं. यह अनिवार्य है कि लाया गया सामान उनके स्वयं के उपयोग के लिए हो और उनके बैगेज का हिस्सा हो. इस कदम से भारत में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई गई है.
डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए टेक प्रेमियों को बड़ी राहत दी गई है. अब 18 साल या उससे अधिक आयु का कोई भी यात्री (क्रू मेंबर को छोड़कर) एक नया लैपटॉप या नोटपैड ड्यूटी-फ्री भारत ला सकता है. हालांकि, यह उपकरण केवल व्यक्तिगत उपयोग के लिए ही होना चाहिए. व्यापारिक उद्देश्य से लाए गए गैजेट्स पर पहले की तरह ही शुल्क लागू रहेंगे. इस बदलाव से छात्र और पेशेवर सबसे अधिक लाभान्वित होंगे जो विदेश से तकनीक लाते हैं.
सोने की ज्वेलरी लाने वाले यात्रियों के लिए CBIC ने नियमों को स्पष्ट कर दिया है. जो भारतीय नागरिक कम से कम एक साल से विदेश में रह रहे हैं, वे सीमित मात्रा में सोने के आभूषण बिना ड्यूटी ला सकते हैं. महिला यात्रियों के लिए यह सीमा 40 ग्राम और पुरुष यात्रियों के लिए 20 ग्राम निर्धारित की गई है. यह गहने निजी इस्तेमाल के लिए होने चाहिए. व्यापारिक उद्देश्यों के लिए अधिक मात्रा में सोना लाने पर वर्तमान नियमों के अनुसार भारी सीमा शुल्क चुकाना होगा.