नई दिल्ली: देशभर में लगातार बढ़ती पेट्रोल की कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है. ऐसे में कार मालिक अब ऐसे उपाय खोज रहे हैं जिनसे माइलेज बेहतर हो और हर महीने ईंधन पर होने वाला खर्च कम किया जा सके. ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि केवल ड्राइविंग स्टाइल ही नहीं, बल्कि कार की नियमित देखभाल भी ईंधन बचत में अहम भूमिका निभाती है.
भारत में ज्यादातर लोग कार खरीदने से पहले माइलेज को सबसे ज्यादा महत्व देते हैं. लेकिन कई बार छोटी लापरवाही के कारण अच्छी माइलेज देने वाली कार भी ज्यादा पेट्रोल पीने लगती है. सही समय पर सर्विसिंग, टायर प्रेशर और इंजन की देखभाल जैसी आदतें आपकी कार की ईंधन दक्षता को लंबे समय तक बेहतर बनाए रख सकती हैं.
ईंधन दक्षता को प्रभावित करने वाले सबसे अनदेखे कारकों में से एक है टायर का दबाव. कम हवा वाले टायरों से रोलिंग प्रतिरोध बढ़ जाता है, जिससे इंजन को अधिक मेहनत करनी पड़ती है और अधिक ईंधन की खपत होती है. यह सलाह दी जाती है कि कम से कम हर दो सप्ताह में एक बार टायर का दबाव जांचें और सुनिश्चित करें कि यह निर्माता के निर्देशों के अनुरूप हो. सही हवा वाले टायरों से ईंधन दक्षता में सुधार हो सकता है.
अच्छी तरह से रखरखाव किया गया इंजन अधिक कुशलता से चलता है और कम ईंधन की खपत करता है. नियमित सर्विसिंग, जिसमें तेल बदलना, एयर फिल्टर बदलना और स्पार्क प्लग की जांच शामिल है, इष्टतम दहन सुनिश्चित करती है. गंदा इंजन ऑयल या जाम फिल्टर इंजन की दक्षता को कम कर सकते हैं, जिससे ईंधन की खपत बढ़ जाती है. मालिक के मैनुअल में उल्लिखित सर्विसिंग शेड्यूल का पालन करना आवश्यक है.
ईंधन और वायु के सही मिश्रण को बनाए रखने में एयर फिल्टर की अहम भूमिका होती है. जाम एयर फिल्टर इंजन तक हवा का प्रवाह रोक देता है, जिससे इंजन की कार्यक्षमता कम हो जाती है. नियमित अंतराल पर एयर फिल्टर को बदलने या साफ करने से माइलेज और इंजन का प्रदर्शन बेहतर हो सकता है, खासकर धूल भरे भारतीय वातावरण में.
निर्माता द्वारा अनुशंसित इंजन ऑयल का उपयोग करने से इंजन में घर्षण कम होता है. उच्च गुणवत्ता वाले, कम चिपचिपाहट वाले तेल इंजन को सुचारू रूप से चलाने में मदद करते हैं, जिससे ईंधन की बचत होती है. आधुनिक वाहनों में, जहां इंजन की सटीकता सीमित होती है, सही ग्रेड का तेल चुनना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है.
व्हील अलाइनमेंट में गड़बड़ी से टायरों का घिसाव असमान हो सकता है और घर्षण बढ़ सकता है, जिससे ईंधन दक्षता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. यदि वाहन एक तरफ झुकता है या टायर असमान रूप से घिसते हैं, तो अलाइनमेंट की जांच करवाना उचित है. सही अलाइनमेंट से सुगम ड्राइविंग और बेहतर माइलेज सुनिश्चित होता है.
घिसे-पिटे पुर्जों जैसी छोटी-मोटी समस्याओं को नजरअंदाज करने से ईंधन दक्षता पर धीरे-धीरे असर पड़ सकता है. समय पर मरम्मत कराने से न केवल बड़ी यांत्रिक समस्याओं से बचाव होता है, बल्कि माइलेज भी स्थिर बना रहता है.