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20 साल पुरानी है आपकी गाड़ी? दोगुनी रिन्यूअल फीस भरने के लिए हो जाएं तैयार, नया नियम लागू

इंपोर्टेड टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर की फीस ₹20,000 कर दी गई है, जबकि इंपोर्टेड कार या बड़े वाहन के लिए अब ₹80,000 देने होंगे, जो पहले ₹40,000 थी.

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Edited By: Reepu Kumari
20 साल पुरानी है आपकी गाड़ी? दोगुनी रिन्यूअल फीस भरने के लिए हो जाएं तैयार, नया नियम लागू
Courtesy: Pinterest

20 Year Old Car Renewal Fee: भारत में पुरानी गाड़ियों के शौकीनों के लिए बड़ा झटका आया है. परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सेंट्रल मोटर व्हीकल्स (थर्ड अमेंडमेंट) रूल्स 2025 के तहत 20 साल से पुराने वाहनों की रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल फीस को लगभग दोगुना कर दिया है. इस फैसले का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो अब भी सड़कों पर पुरानी गाड़ियां चला रहे हैं.

सरकार का मकसद साफ है सड़कों से प्रदूषण फैलाने वाली और असुरक्षित पुरानी गाड़ियों को हटाना और उनकी जगह नई व पर्यावरण-अनुकूल गाड़ियों को लाना. बढ़ी हुई फीस गाड़ी मालिकों को यह सोचने पर मजबूर करेगी कि वे पुरानी गाड़ी रखें या स्क्रैप पॉलिसी का फायदा उठाकर नई गाड़ी खरीदें.

कितनी बढ़ी है फीस?

नई व्यवस्था के मुताबिक अब मोटरसाइकिल की रिन्यूअल फीस ₹2,000 हो गई है, जो पहले ₹1,000 थी. थ्री-व्हीलर या क्वाड्रिसाइकिल के लिए ₹5,000 (पहले ₹3,500) और लाइट मोटर व्हीकल पर ₹10,000 (पहले ₹5,000) देने होंगे.

इंपोर्टेड टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर की फीस ₹20,000 कर दी गई है, जबकि इंपोर्टेड कार या बड़े वाहन के लिए अब ₹80,000 देने होंगे, जो पहले ₹40,000 थी. जो बड़े वाहन हैं उनके लिए ₹12,000 देने होंगे.  याद रखें इन रकम में GST को शामिल नहीं किया गया है.

क्यों उठाया गया यह कदम?

सरकार का मानना है कि पुरानी गाड़ियां अधिक प्रदूषण फैलाती हैं और सड़क सुरक्षा के लिहाज से भी खतरा पैदा करती हैं. यही वजह है कि इन्हें स्क्रैप पॉलिसी से जोड़ा गया है ताकि धीरे-धीरे इन गाड़ियों को हटाया जा सके.

वाहन मालिकों के लिए विकल्प

  • अब गाड़ी मालिकों के सामने दो ही विकल्प हैं;
  • भारी-भरकम फीस भरकर गाड़ी का रजिस्ट्रेशन रिन्यू कराएं.
  • या फिर स्क्रैप पॉलिसी का फायदा उठाते हुए पुरानी गाड़ी बेचकर नई गाड़ी खरीद लें.
  • यह कदम साफ करता है कि सरकार आने वाले वर्षों में "ग्रीन और क्लीन मोबिलिटी" की ओर तेजी से बढ़ रही है.