इटावा: इटावा में एक दिल दहला देने वाली घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है. भरथना तहसील के महावीर नगर में रहने वाले 55 वर्षीय शिवपाल सिंह, जो रोजाना सड़क किनारे ठेले पर चाय बेचकर परिवार का गुजारा चलाते थे, अचानक आए भारी बिजली बिल के सदमे से हार्ट अटैक का शिकार हो गए और उनकी मौत हो गई.
शिवपाल सिंह के घर में कोई बड़ा बिजली उपकरण जैसे एयर कंडीशनर, कूलर या फ्रिज नहीं था. वे साधारण जीवन जीते थे और बिजली की खपत बहुत कम होती थी. करीब तीन महीने पहले उनके घर में स्मार्ट मीटर लगाया गया था. इसके बाद पहला ही बिल तीन महीने का 1 लाख 60 हजार रुपये का आ गया. इतनी बड़ी रकम देखकर शिवपाल सिंह सदमे में चले गए.
परिवार के अनुसार शिवपाल सिंह कई दिनों से बिजली विभाग के कार्यालय के चक्कर काट रहे थे. वे बिल की गलती सुधारने की गुहार लगा रहे थे, लेकिन विभाग के कर्मचारियों ने उनकी कोई सुनवाई नहीं की. आरोप है कि कर्मचारी समस्या सुलझाने के बजाय रिश्वत मांग रहे थे. लगातार तनाव, चिंता और आर्थिक बोझ ने उनकी तबीयत बिगाड़ दी.
मंगलवार रात करीब 11 बजे बिल का मैसेज मोबाइल पर आया, जिसके बाद उन्हें तेज सीने में दर्द हुआ और हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई. मौत की खबर फैलते ही परिजन आक्रोशित हो उठे. गुरुवार को उन्होंने शिवपाल सिंह का शव लेकर दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के भरथना कार्यालय पहुंचे. शव को दफ्तर के सामने रखकर उन्होंने जोरदार प्रदर्शन किया और न्याय की मांग की.
परिजनों का कहना था कि विभाग की लापरवाही और स्मार्ट मीटर की गड़बड़ी के कारण यह हादसा हुआ है. वे दोषियों पर सख्त कार्रवाई और बिल माफ करने की मांग कर रहे थे. मृतक की बेटी राखी ने बताया, "पिता जी सिर्फ चाय बेचकर परिवार चलाते थे. घर में बिजली की कोई ज्यादा खपत नहीं होती थी. फिर भी इतना ज्यादा बिल आया. उनका तनाव इतना बढ़ गया कि दिल का दौरा पड़ गया."
परिजनों का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान अधिकारी दफ्तर में ताला लगाकर भाग गए. पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद मामला कुछ शांत हुआ. प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया है और परिवार को मदद का वादा किया है.