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जानें, साल 2024 की पहली एकादशी पर क्या करें और क्या न करें

पौष माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को सफला एकादशी के नाम से जानते हैं. एकादशी के दिन कुछ कामों को करने से जीवन की सभी समस्याओं से निदान मिलता है. वहीं, इस दौरान कुछ कामों को करने की मनाही होती है. 

Mohit Tiwari
Edited By: Mohit Tiwari
जानें, साल 2024 की पहली एकादशी पर क्या करें और क्या न करें

हाइलाइट्स

  • भगवान विष्णु के पूजन से मिलता है लाभ
  • कुछ उपायों को करने से पूरी होती है मनोकामना

07 जनवरी 2024 को साल की पहली एकादशी व्रत रखा जाएगा. इस दिन को सफला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है. मान्यता है कि इस दिन कुछ आसान से उपायों को करने से जीवन के सभी दुखों का नाश होता है. वहीं, इस दिन कुछ कामों को करने की मनाही होती है. हिन्दू धर्म में भगवान विष्णु की उपासना का विशेष महत्व माना गया है. शास्त्रों में उन्हें सृष्टि का पालनहार बताया गया है.

भगवान विष्णु की आराधना और उन्हें प्रसन्न करने के लिए एकादशी तिथि को सर्वोत्तम माना जाता है. हिन्दू पंचांग के अनुसार पौष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि के दिन जो व्रत रखा जाता है उसे सफला एकादशी के नाम से जाना जाता है. यह साल 2024 की पहली एकादशी है. सनातन परंपरा में भगवान विष्णु की कृपा दिलाने वाली एकादशी व्रत का बहुत महत्व है. इस दिन भगवान विष्णु के साधक उनके लिए विधि-विधान से व्रत रखते हुए सुख-समृद्धि और सौभाग्य की कामना करते हैं. मान्यता है कि सफला एकादशी का व्रत रखने पर साधक के सभी प्रयास सफल और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि जो व्यक्ति एकादशी व्रत को सफलतापूर्वक रखता है, उसे जीवन में हर पग पर सफलता प्राप्त होती है.

सफला एकादशी अपने नाम के अनुसार ही भक्तों के सभी कार्यों को सफल एवं पूर्ण करने वाली है.
धर्मग्रंथों में इस एकादशी के बारे में कहा गया है कि हजारों वर्ष तक तपस्या करने से जिस पुण्यफल की प्राप्ति होती है, वह पुण्य भक्तिपूर्वक रात्रि जागरण सहित सफला एकादशी का व्रत करने से मिलता है. इस दिन मंदिर एवं तुलसी के नीचे दीपदान करने का भी बहुत महत्त्व बताया गया है.

मनोकामना की पूर्ति के लिए उपाय 

नदी अथवा तालाब के नजदीक आटे की सात लोई पिंड के आकार का बनायें और सभी पर सिंदूर अथवा रोली से तिलक करें. सभी पिंडों पर दूध अर्पित करने के बाद घी का दीपक अथवा कर्पूर जलाते हुए अपनी मनोकामना का स्मरण कीजिए.

सफला एकादशी के दिन करें ये विशेष उपाय

एकादशी के दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु का पूजा-व्रत किया जाता है, जिस साधक को श्रीहरि का आशीर्वाद प्राप्त होता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. धार्मिक मत है कि सफला एकादशी का व्रत करने से रुके हुए काम पूरे होते हैं.

1- सफला एकादशी के दिन घर में तुलसी का पौधा लगाना बेहद शुभ माना जाता है और रोजाना इसकी पूजा करनी चाहिए. मान्यता है कि इस उपाय को करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है.

2- सफला एकादशी के दिन भगवान विष्णु के लिए समां की खीर बनाएं और तुलसी दल को डालकर भोग लगाएं. इससे भगवान विष्णु जल्द प्रसन्न होते हैं.

3- अगर आप जॉब से संबंधित परेशानी को दूर करना चाहते हैं, तो सफला एकादशी के दिन दाएं हाथ में जल और पीले फूल लेकर भगवान विष्णु से प्रार्थना करें. इस दौरान घी का दीपक जलाएं और नारायण कवच का विधिपूर्वक पाठ करें. ये उपाय लगातार 11 दिन तक करें. ऐसा करने से जल्द जॉब मिलने के योग बनते हैं.

4- सफला एकादशी के दिन गरीबों को श्रद्धा अनुसार दान करना चाहिए. मान्यता है कि ऐसा करने से आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है और धन लाभ मिलता है.

5- अगर आपके वैवाहिक जीवन में वाद-विवाद की स्थिति बनी रहती है, तो एकादशी के दिन केले के पेड़ की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करें. जल में हल्दी डालकर अर्पित करें और 7 बार परिक्रमा लगाएं. इस दौरान ॐ बृं बृहस्पतये नमः मंत्र का जाप करें. इससे वैवाहिक जीवन सुखमय होगा.

सफला एकादशी पर न करें ये कार्य 

1-  शास्त्रों में बताया गया है कि व्यक्ति को सफला एकादशी के दिन तामसिक भोजन नहीं करना चाहिए. माना जाता है कि इस दिन प्याज, लहसुन का सेवन करने से पूजा का उचित फल प्राप्त नहीं होता है और व्यक्ति से भगवान विष्णु नाराज हो जाते हैं.

2- सफला एकादशी व्रत के दिन व्यक्ति को किसी से भी वाद-विवाद नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से भी भगवान विष्णु क्रोधित हो सकते हैं और व्यक्ति के जीवन में कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं.

3- शास्त्रों के अनुसार एकादशी के बाल व नाखून काटना अशुभ माना जाता है. माना जाता है कि ऐसा करने से धन की हानि होती है और ग्रह दोष का खतरा भी उत्पन्न हो सकता है. इस कारण एकादशी के दिन भूलकर भी यह कार्य न करें.

4- सफला एकादशी के दिन चावल के सेवन की मनाही है. इसका दुष्परिणाम व्यक्ति को अगले-जन्म में भोगना पड़ता है. इसके साथ ही इस दिन घर में झाड़ू के इस्तेमाल पर भी पाबंदी है. झाड़ू के उपयोग से छोटे जीवों की हत्या का भय बढ़ जाता है.