नई दिल्ली. सावन के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता है. यह सावन की अंतिम एकादशी होती है. साल 2023 में यह एकादशी 27 अगस्त 2023 रविवार को मनाई जा रही है. यह दिन हिंदू धर्म में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दिन भगवान श्रीहरि का पूजन करने से सुख और समृद्धि प्राप्त होती है. इसके साथ ही इस एकादशी को व्रत रखने से संतान से जुड़ी समस्याओं का अंत होता है. संतान का स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है. मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है. इस दिन कुछ कार्यों को करने की मनाही होती है. माना जाता है इस दिन कुछ कार्यों को करने से भगवान विष्णु नाराज हो जाते हैं. इसके साथ ही उस व्यक्ति को कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है.
पुत्रदा एकादशी पर मत करें ये काम
नहीं खाने चाहिए चावल
सावन की पुत्रदा एकादशी के दिन चावल का सेवन नहीं करना चाहिए. कुछ लोगों का मानना है कि इस दिन चावल का सेवन करने से रेंगने वाले जीव की योनि में जन्म मिलता है. इस कारण एकादशी तिथि के दिन चावल का सेवन निषेध माना जाता है.
न करें तुलसी का स्पर्श
तुलसी को भगवान विष्णु की प्रिया माना जाता है. तुलसी की पत्तियों के बिना प्रभु भोग स्वीकार नहीं करते हैं. इस कारण सावन की पुत्रदा एकादशी को तुलसी की पत्तियों को नहीं तोड़ना चाहिए. इसके साथ ही रविवार को भी तुलसी के पेड़ को छुने की मनाही होती है. एकादशी के दिन तुलसी की पत्तियों को तोड़ने से माता लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं और व्यक्ति को दोष लग सकता है.
मत पहनें काले वस्त्र
हिंदू मान्यताओं के अनुसार किसी भी शुभ अवसर या पूजा पाठ के समय काले रंग के वस्त्र नहीं पहनने चाहिए. वहीं, सावन की पुत्रदा एकादशी के दिन भी काले रंग के कपड़ों को पहनने से बचना चाहिए. इस दिन पीले रंग के वस्त्र पहनना काफी शुभकारी होता है.
मांस-मदिरा का न करें सेवन
सावन की पुत्रदा एकादशी के दिन मांस-मदिरा का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए. इस दिन भूलकर भी किसी के दिल को नहीं दुखाना चाहिए.
मत करें गुस्सा
पुत्रदा एकादशी के दिन आपको गुस्सा करने से बचना चाहिए. इस दिन गुस्सा करने से भगवान का आशीर्वाद नहीं मिलता है. इस दिन वाद-विवाद से भी दूर ही रहना चाहिए.
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