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चूड़ियों को पहनते वक्त रखें इन बातों का खास ख्याल, वरना हो जाएंगे कंगाल; जानें वास्तु का नियम

वास्तु शास्त्र के अनुसार, टूटी चूड़ियां पहनना, बिस्तर पर चूड़ियां बदलना और पुरानी चूड़ियां दान करना अशुभ माना जाता है. इन नियमों का पालन करने से सुख-समृद्धि बनी रहने की मान्यता है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
चूड़ियों को पहनते वक्त रखें इन बातों का खास ख्याल, वरना हो जाएंगे कंगाल; जानें वास्तु का नियम
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: हिंदू संस्कृति में 'सोलह श्रृंगार' यानी सोलह पारंपरिक आभूषण का एक अनोखा और विशेष महत्व है. इनमें से हाथों में पहनी जाने वाली मधुर, खनकती चूड़ियां न केवल आपकी सुंदरता बढ़ाती हैं, बल्कि इन्हें सौभाग्य और खुशी का सबसे बड़ा प्रतीक भी माना जाता है.

ज्योतिष के अनुसार चूड़ियों का सीधा संबंध देवी लक्ष्मी धन की देवी और शुक्र ग्रह से होता है, जो विलासिता और सुख-सुविधाओं से जुड़ा ग्रह है. हालांकि हम अक्सर चूड़ियां पहनते या रखते समय अनजाने में कुछ छोटी-मोटी गलतियां कर बैठते हैं. ऐसी गलतियां जिनका हमारे घर की शांति, सौहार्द और आर्थिक स्थिरता पर गंभीर परिणाम हो सकता है.

खरोंच या बारीक दरार वाली चूड़ियों का असर

महिलाएं अक्सर ऐसी चूड़ियां पहनना जारी रखती हैं जिनमें कोई छोटा-सा खरोंच या बारीक दरार आ गई हो, यह सोचकर कि अभी तो यह ठीक लग रही है बाद में बदल लूंगी लेकिन यह एक बहुत बड़ी गलती है.

शास्त्रों में कहा गया है कि टूटी हुई या दरार वाली चूड़ी पहनना सीधे तौर पर अपने जीवन में दरिद्रता यानी गरीबी को न्योता देने जैसा है. यह आदत न केवल घर में सुख-समृद्धि और आशीर्वाद के प्रवाह में बाधा डालती है, बल्कि इसे पति के स्वास्थ्य के लिए भी अशुभ माना जाता है.

यदि किसी चूड़ी में जरा सी भी दरार आ जाए, तो उसे तुरंत उतार दें. उसे कूड़ेदान में फेंकने के बजाय, किसी पेड़ के पास सम्मानपूर्वक रख दें. चूड़ियों को स्वयं देवी लक्ष्मी का ही एक रूप माना जाता है; इसलिए उनके साथ कभी भी अनादरपूर्ण व्यवहार नहीं करना चाहिए.

बिस्तर पर बैठकर क्यों नहीं बदलनी चाहिए चूड़ियां?

क्या आप भी अक्सर बिस्तर पर बैठकर ही अपनी चूड़ियाँ बदलती हैं? वास्तु और ज्योतिष के सिद्धांतों के अनुसार, यह तरीका गलत है. बिस्तर पर बैठकर चूड़ियां बदलना या अंधेरे में ऐसा करना पति-पत्नी के रिश्ते में तनाव पैदा कर सकता है और घर के भीतर नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देता है. 

आपको अपनी चूड़ियां हमेशा किसी अच्छी रोशनी वाली जगह पर खड़े होकर, या किसी साफ-सुथरी जगह पर बैठकर ही बदलनी चाहिए.

उपहार में मिली चूड़ियों का करें सम्मान 

यदि कोई आपको प्यार से चूड़ियां उपहार में देता है, तो वे केवल एक भौतिक वस्तु नहीं होतीं, बल्कि देने वाले के आशीर्वाद और स्नेह का प्रतीक होती हैं. उन्हें फेंक देने या किसी और को दे देने के बजाय, यह सुनिश्चित करें कि आप उन्हें कम से कम एक बार खुद जरूर पहनें. एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि आपको अपनी पुरानी या गंदी चूड़ियां कभी भी किसी को दान नहीं करनी चाहिए. 

दान में हमेशा ऐसी वस्तुएं देनी चाहिए जो नई हों और अच्छी स्थिति में हों. पुरानी वस्तुएं दान करने से देवी लक्ष्मी अप्रसन्न हो सकती हैं, जिसका बाद में आपके जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है.