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Hariyali Teej Vrat Vidhi: शिव-पार्वती संग जीवन में लाएं हरियाली, जानें व्रत की विधि, नियम और शुभ उपाय

दान करना बेहद फलदायी माना गया है. सोलह शृंगार का दान करने से मां पार्वती प्रसन्न होती हैं. घर में शुद्ध घी का दीया जलाएं और बच्चों के माथे पर हल्दी या चंदन का तिलक लगाएं.

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Edited By: Reepu Kumari
Hariyali Teej Vrat Vidhi: शिव-पार्वती संग जीवन में लाएं हरियाली, जानें व्रत की विधि, नियम और शुभ उपाय
Courtesy: Pinterest

Hariyali Teej 2025: सावन का महीना आते ही हर तरफ हरियाली और भक्ति का माहौल छा जाता है. खासकर सुहागिन महिलाओं के लिए यह समय बेहद खास होता है, क्योंकि 27 जुलाई 2025 को हरियाली तीज का पावन पर्व मनाया जा रहा है. यह दिन महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी उम्र और सुखमय वैवाहिक जीवन की कामना के लिए व्रत रखने के लिए जाना जाता है. वहीं कुंवारी लड़कियां अच्छे वर की प्राप्ति के लिए यह व्रत रखती हैं.

हरियाली तीज केवल व्रत का दिन नहीं, बल्कि सौंदर्य, आस्था और परंपराओं का उत्सव भी है. इस दिन महिलाएं हरे रंग के वस्त्र, चूड़ियां और सोलह शृंगार के साथ शिव-पार्वती की पूजा करती हैं. इसे देवी पार्वती के कठिन तप और भगवान शिव को पति रूप में पाने की कथा से भी जोड़ा जाता है. आइए जानते हैं व्रत की सही विधि, नियम और इस दिन के खास उपाय.

व्रत और पूजा की विधि

हरियाली तीज के दिन महिलाएं सुबह स्नान करके मायके से आए वस्त्र पहनती हैं. फिर शुभ मुहूर्त में मां पार्वती और भगवान शिव की पूजा करती हैं. पूजा में 16 शृंगार की सामग्री, फूल, बेल पत्र, गंगाजल, धूप-दीप आदि अर्पित किए जाते हैं. इसके बाद हरियाली तीज की कथा का पाठ किया जाता है और अंत में आरती कर प्रसाद वितरित किया जाता है. पूजा के समय मां पार्वती को विशेष रूप से श्रृंगारित किया जाता है, जिससे वैवाहिक जीवन में प्रेम और समर्पण बना रहे.

हरियाली तीज व्रत के जरूरी नियम

यह व्रत निर्जला होता है यानी व्रती दिनभर जल तक ग्रहण नहीं करतीं. पूजा के दौरान हरे रंग के वस्त्र और चूड़ियां पहनने का विशेष महत्व होता है. दिन में सोना, झूठ बोलना, किसी से गुस्सा करना या नकारात्मक बातें सोचने से बचना चाहिए. इस दिन तामसिक भोजन और काले रंग से दूरी बनाए रखना जरूरी होता है. व्रत का पारण (उपवास खोलना) शुभ मुहूर्त में करना चाहिए.

जीवन में सुख लाने वाले सरल उपाय

दान करना बेहद फलदायी माना गया है. सोलह शृंगार का दान करने से मां पार्वती प्रसन्न होती हैं. घर में शुद्ध घी का दीया जलाएं और बच्चों के माथे पर हल्दी या चंदन का तिलक लगाएं. शिव-पार्वती की जोड़ी की पूजा कर उनसे सुखी दांपत्य जीवन की कामना करें. अपनी क्षमता के अनुसार वस्त्र, श्रृंगार, मिठाई या अन्य वस्तुएं दान करें-इससे पुण्य मिलेगा और मन की शांति भी बनी रहेगी.