साल में दो बार नवरात्रि मनाई जाती है. पहली शारदीय और दूसरी चैत्र नवरात्रि होती है. चैत्र नवरात्रि को काफी विशेष कहा जाता है. यह खास त्योहार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू हो जाती है. इस साल यह पावन त्योहार 19 मार्च से मनाया जाएगा. वहीं इसका समापन 27 मार्च को होगा.
पंडितों की मानें तो इस बार माता रानी पालकी पर सवार होकर धरती पर आएंगी और हाथी पर सवार होकर विदा लेंगी. माता रानी की सवारी को काफी अहम माना जाता है. कहा जाता है कि इस दौरान माता जिस सवारी से आती है उसका काफी असर होता है.
नवरात्रि के दौरान माता रानी के 9 रूपों की पूजा की जाती है. भक्त पूरे नौ दिन का व्रत रखते हैं और इस दौरान पूजा-पाठ भी काफी खास तरीके से किया जाता है. कुछ लोगों नौ दिन फल खाकर रहते हैं और कुछ लोग केवल एक वक्त का वे भी व्रत के लिए खास तौर पर तैयार किया गया भोजन. हालांकि शास्त्रों में इस दौरान दान का काफी महत्व दिया गया है.
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इस दौरान दान करने से दरिद्रता दूर हो जाती है. कहा जाता है कि इस दौरान आप जो भी दान करते हैं, उसका कई गुना आपके पास वापस आ जाता है. लेकिन अगर कुछ खास चीजों का दान किया जाए तो वह आपको विशेष कृपा देती है. तो चलिए जानते हैं क्या है वह विशेष वस्तुएं.