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Ganesh Chaturthi 2025: घर आने वाले हैं गणपति बप्पा, स्वागत की तैयारी शुरू! जानिए 2025 में कब मनाई जाएगी गणेश चतुर्थी

गणेश चतुर्थी के दिन पूजा का सबसे अच्छा समय मध्याह्न काल माना जाता है क्योंकि मान्यता है कि भगवान गणेश का जन्म इसी समय हुआ था. 26 अगस्त को पूजा का मुहूर्त सुबह 11:05 बजे से लेकर दोपहर 1:40 बजे तक रहेगा. इस दौरान मूर्ति की स्थापना करके विधिवत पूजा जरूर करें ताकि बप्पा की कृपा बनी रहे.

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Edited By: Reepu Kumari
Ganesh Chaturthi 2025: घर आने वाले हैं गणपति बप्पा, स्वागत की तैयारी शुरू! जानिए 2025 में कब मनाई जाएगी गणेश चतुर्थी
Courtesy: Pinterest

Ganesh Chaturthi 2025: बप्पा बहुत जल्द घर आने वाले हैं. गणेश चतुर्थी वो त्योहार है, जिसका इंतजार हर भक्त को बेसब्री से रहता है. यह दिन भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है, जो दस दिनों तक चलने वाले भव्य गणेश उत्सव की शुरुआत करता है. हर साल की तरह 2025 में भी यह त्योहार पूरे धूमधाम से मनाया जाएगा, जब गणपति बप्पा घर-घर पधारेंगे और भक्त उनके स्वागत में झूम उठेंगे.

गणेश चतुर्थी हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है. इस दिन भक्तगण विधिवत पूजन करके भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना करते हैं और घर में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं. चलिए जानते हैं कि साल 2025 में गणपति बप्पा किस दिन पधारने वाले हैं और पूजन का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा.

इस दिन पधारेंगे बप्पा

साल 2025 में गणेश चतुर्थी 26 अगस्त, मंगलवार को मनाई जाएगी. चतुर्थी तिथि की शुरुआत दोपहर 1:54 बजे से हो रही है और यह 27 अगस्त को दोपहर 3:44 बजे तक चलेगी. इस दिन भक्त पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ बप्पा की मूर्ति स्थापित करेंगे और दिनभर भजन-पूजन में लीन रहेंगे.

पूजा का सबसे शुभ समय

गणेश चतुर्थी के दिन पूजा का सबसे अच्छा समय मध्याह्न काल माना जाता है क्योंकि मान्यता है कि भगवान गणेश का जन्म इसी समय हुआ था. 26 अगस्त को पूजा का मुहूर्त सुबह 11:05 बजे से लेकर दोपहर 1:40 बजे तक रहेगा. इस दौरान मूर्ति की स्थापना करके विधिवत पूजा जरूर करें ताकि बप्पा की कृपा बनी रहे.

विसर्जन कब होगा?

गणपति बप्पा का विसर्जन दसवें दिन, यानी अनंत चतुर्दशी के दिन होता है. साल 2025 में यह दिन 6 सितंबर, शनिवार को पड़ेगा. इस दिन भक्त बप्पा को विदाई देते हैं और नदी, तालाब या झील में प्रतिमा का विसर्जन करते हैं. साथ ही यह कामना करते हैं कि "बप्पा अगले साल फिर जल्दी आना!"