menu-icon
India Daily

Buddha Purnima 2026: बुद्ध पूर्णिमा आज, इस शुभ मुहूर्त में करें स्नान-दान; सुख-शांति चाहिए तो पूजा में ना करें ये गलती

आज 1 मई 2026 को बुद्ध पूर्णिमा मनाई जा रही है. वैशाख मास की इस पूर्णिमा पर भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण की तीनों महत्वपूर्ण घटनाएं जुड़ी हैं.

reepu
Edited By: Reepu Kumari
Buddha Purnima 2026: बुद्ध पूर्णिमा आज, इस शुभ मुहूर्त में करें स्नान-दान; सुख-शांति चाहिए तो पूजा में ना करें ये गलती
Courtesy: ANI

नई दिल्ली: वैशाख पूर्णिमा का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद खास होता है. इस साल बुद्ध पूर्णिमा 1 मई 2026 को मनाई जा रही है, जो बौद्ध और हिंदू दोनों धर्मों के अनुयायियों के लिए महत्वपूर्ण है. पूजा संपन्न करने के लिए जरुरी है कि आपको सही विधि और शुभ मुहूर्त के बारे में जानकारी हो. इस तिथि पर किए गए पुण्य कार्यों का फल कई गुना बढ़ जाता है. भक्त सुबह जल्दी स्नान-दान कर भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और महात्मा बुद्ध की पूजा करते हैं. चंद्रमा को अर्घ्य देने और पीपल को जल चढ़ाने से मन की अशांति दूर होती है.

पूर्णिमा तिथि और शुभ मुहूर्त

द्रिक पंचांग के अनुसार वैशाख पूर्णिमा की तिथि 30 अप्रैल रात 9:12 से शुरू हो चुकी है और आज 1 मई रात 10:52 बजे तक रहेगी. स्नान और दान के लिए सुबह का समय खासतौर पर शुभ माना गया. सुबह 4:15 से 4:58 तक का मुहूर्त स्नान-दान के लिए सबसे अच्छा रहा. शाम करीब 6:52 बजे चंद्रमा के दर्शन होंगे, जिस समय अर्घ्य देना अत्यंत फलदायी होता है.

बुद्ध पूर्णिमा का धार्मिक महत्व

इस दिन महात्मा बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण तीनों घटनाएं जुड़ी होने के कारण यह तिथि बौद्ध अनुयायियों के लिए विशेष है. हिंदू धर्म में इसे वैशाख पूर्णिमा कहते हैं और मान्यता है कि इसी दिन भगवान विष्णु ने कच्छप अवतार लिया था. पूजा, दान और ध्यान से मन शांत रहता है तथा स्वास्थ्य और आर्थिक परेशानियां भी कम होती हैं.

पूजा विधि और स्नान-दान कैसे करें

सुबह उठकर संकल्प लेकर स्नान करें. स्नान के बाद सूर्य को अर्घ्य दें और साफ सफेद कपड़े पहनें. भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और भगवान बुद्ध की पूजा करें. जल, तिल, सफेद वस्त्र या फल का दान करें. पीपल के वृक्ष को जल अर्पित करना इस दिन विशेष शुभ माना जाता है. यदि संभव हो तो फलाहार रखकर दिन बिताएं.

बुद्ध पूर्णिमा पर खास उपाय

इस पावन दिन भगवान शिव की पूजा करने से रोग और मानसिक तनाव दूर होते हैं. विष्णु-लक्ष्मी की आराधना आर्थिक स्थिति मजबूत करती है. जल और सफेद वस्तुओं का दान करने से चंद्रमा संबंधी दोष कम होते हैं. जरूरतमंदों को भोजन या कपड़े दान करना भी बड़ा पुण्य माना जाता है

बुद्ध पूर्णिमा पर क्या ना करें

  1. शाम के समय तुलसी के पौधे को छूना या उसके पत्ते तोड़ना अशुभ माना जाता है, इससे पूजा का फल कम हो जाता है.
  2. पूजा के दौरान महिलाओं द्वारा खुले बाल रखना वर्जित है, इससे ध्यान भंग होता है और पूजा प्रभावहीन हो सकती है.
  3. इस दिन मांसाहार या मदिरा का सेवन करना बिल्कुल नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह अहिंसा के सिद्धांत के खिलाफ है.
  4. किसी भी जीव-जंतु को कष्ट पहुंचाना पुण्य को घटाता है, बुद्ध पूर्णिमा पर अहिंसा का विशेष ध्यान रखें.
  5. पुराने, फटे या गंदे कपड़े पहनना या खरीदना शुभ नहीं है, साफ और हल्के रंग के कपड़े ही पहनें.
  6. लोहे की कोई भी वस्तु खरीदने से बचें, क्योंकि लोहा शनि से जुड़ा माना जाता है और नकारात्मक ऊर्जा ला सकता है.
  7. चमड़े से बनी चीजें खरीदना तामसिक माना जाता है, बुद्ध पूर्णिमा जैसे पवित्र दिन पर इससे दूर रहें.
  8. धारदार वस्तुएं जैसे चाकू या कैंची खरीदने से बचें, ये हिंसा का प्रतीक मानी जाती हैं.
  9. काले रंग की कोई भी चीज खरीदना या इस्तेमाल करना नकारात्मकता बढ़ा सकता है, हल्के रंग पसंद करें.
  10. तुलसी की पूजा करते समय बिना संकल्प या अशुद्ध मन से पूजा करना भी फलदायी नहीं होता, शुद्ध मन और श्रद्धा जरूरी है.

मंत्र जाप से पाएं सकारात्मक ऊर्जा

बुद्ध पूर्णिमा पर इन मंत्रों का जाप विशेष फलदायी होता है:
'ऊं श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः', 'ऊं सोम सोमाय नमः', 'ऊं ह्रीं श्रीं लक्ष्मीवासुदेवाय नमः' और 'ऊं नमः शिवाय'. इन मंत्रों से मन की शांति बढ़ती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है.  theindiadaily.com  इन जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.