पश्चिम बंगाल की राजनीति में 4 मई का दिन एक बड़े बदलाव का गवाह बना. साल 2026 के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड बहुमत हासिल कर ली. तृणमूल कांग्रेस के लिए यह चुनाव किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा. खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपना अजेय माना जाने वाला गढ़ भवानीपुर हार गई हैं. इस करारी शिकस्त ने बंगाल में भाजपा की जड़ें बेहद मजबूत कर दी हैं और नया इतिहास रच दिया है. सुवेंदु अधिकारी ने अपनी दोनों सीटें जीत ली हैं. नंदीग्राम से उन्होंने टीएमसी उम्मीदवार पबित्र कर को हराया. वहीं भवानीपुर में ममता को मात दी.
भवानीपुर विधानसभा सीट को हमेशा से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सुरक्षित राजनीतिक किला माना जाता था. भारतीय जनता पार्टी के नेता शुभेंदु अधिकारी ने इस बार यहां एक ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. सखावत मेमोरियल गवर्नमेंट गर्ल्स हाई स्कूल में वोटों की गिनती के पूरे 20 राउंड समाप्त होने के बाद शुभेंदु ने मुख्यमंत्री को 15,105 वोटों के भारी अंतर से करारी शिकस्त दी. इससे पहले भी वह बड़े मुकाबले में उन्हें मात दे चुके हैं. ममता को दो बार हराने के बाद अब अधिकारी बंगाल की राजनीति में दिग्गजों को हराने वाले सबसे बड़े और प्रभावशाली चेहरे के रूप में स्थापित हो गए हैं.
भवानीपुर सीट पर मतगणना की शुरुआत में टीएमसी प्रमुख काफी आगे चल रही थीं और ऐसा लग रहा था कि वह आसानी से चुनाव जीत जाएंगी. पहले राउंड के बाद सातवें राउंड तक आते-आते ममता बनर्जी ने 17 हजार से ज्यादा वोटों की मजबूत बढ़त बना ली थी. इसके बाद पासा पूरी तरह पलटने लगा और उनकी बढ़त लगातार कम होने लगी. आठवें राउंड में यह अंतर घटकर 15,494, दसवें राउंड में 12,131 और चौदहवें राउंड तक महज़ 3,830 वोट रह गया. अठारहवें राउंड तक शुभेंदु 11 हजार वोटों से आगे निकल गए और अंतिम दौर आते-आते उन्होंने अपनी यह शानदार जीत पक्की कर ली.
भवानीपुर के इस बड़े झटके के अलावा राज्य की अन्य प्रमुख सीटों पर भी भाजपा प्रत्याशियों ने शानदार प्रदर्शन किया है. खड़गपुर सदर विधानसभा सीट से दिलीप घोष ने धमाकेदार वापसी करते हुए 26 हजार से अधिक वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की है. वहीं, पानीहाटी सीट से चुनावी अखाड़े में उतरीं आरजी कर अस्पताल की पीड़िता की मां ने भी एक निर्णायक जीत हासिल की है. इसके अलावा दिग्गज नेता शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट पर भी अपना दबदबा कायम रखते हुए 10 हजार से अधिक वोटों के अंतर से शानदार जीत हासिल की है.
इस विधानसभा चुनाव में भाजपा की संगठनात्मक मजबूती पूरे पश्चिम बंगाल में साफ दिखाई दी है. शिवपुर सीट से रुद्रनील घोष, सोनारपुर दक्षिण से रूपा गांगुली और राशबिहारी से पूर्व पत्रकार स्वपन दासगुप्ता ने अपना विजयी परचम लहराया है. मानिकतला में तापस रॉय ने टीएमसी की श्रेया पांडे को करारी धूल चटाई. उत्तरी बंगाल में भी पार्टी का दबदबा दिखा जहां निशीथ प्रमाणिक ने माथाभांगा से और शंकर घोष ने सिलीगुड़ी से अपनी धाक जमाई. इसके साथ ही आसनसोल दक्षिण से अग्निमित्रा पॉल, बारानगर से सजल घोष और मोयना से अशोक डिंडा जैसे चेहरों ने जीत दर्ज कर बंगाल का राजनीतिक परिदृश्य बदल दिया.