पश्चिम बंगाल विधानसा चुनाव का दोनों चरण मतदान पूरा हो चुका है. हालांकि इसके बाद भी राज्य में हाई वोल्टेज ड्रामा जारी है. मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने शुक्रवार को दक्षिण कोलकाता के सखावत मेमोरियल स्कूल में स्थित स्ट्रॉन्ग रूम का दौरा किया.
सीएम बनर्जी ने तीन घंटे से भी अधिक समय तक स्ट्रॉन्ग रूम में बिताय. उन्होंने दावा किया कि सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद उन्हें वहां जाना पड़ा. इसके बाद उन्होंने ईवीएम में कथित गड़बड़ियों को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की हैं.
ममता बनर्जी भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के वितरण एवं जमा केंद्र पर पहुंचीं, जहां चुनावी ईवीएम और बैलेट पेपर रखे गए हैं. कुछ देर रहने के बाद बाहर निकलकर उन्होंने कहा कि अगर कोई ईवीएम मशीन चुराने या गिनती में छेड़छाड़ करने की कोशिश करेगा, तो हम जान-की-बाजी लगाकर लड़ेंगे. मैं पूरी जिंदगी लड़ती रहूंगी.
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों ने शुरू में उन्हें अंदर जाने से रोका, लेकिन उम्मीदवार के रूप में अपने अधिकारों का हवाला देकर वे अंदर पहुंचीं. उन्होंने यह भी कहा कि टीएमसी के एजेंट को गिरफ्तार किया गया है और पूरी प्रक्रिया में एकतरफा रवैया अपनाया जा रहा है. टीएमसी ने एक वायरल वीडियो जारी कर दावा किया कि स्ट्रॉन्ग रूम के आसपास बिना अधिकृत प्रतिनिधियों की मौजूदगी में गतिविधियां हो रही हैं. पार्टी ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए इसे चुनावी धांधली बताया.
पार्टी ने चेतावनी दी कि एक भी ईवीएम को छूने की कोशिश की, तो इसके नतीजे भुगतने पड़ेंगे. इससे पहले ममता बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं, उम्मीदवारों और वरिष्ठ नेताओं को वीडियो संदेश में सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों के मतगणना केंद्रों पर 24 घंटे पहरा देने का आह्वान किया था. उन्होंने कहा, कि अगर मैं पहरा दे सकती हूं, तो तुम भी दे सकते हो.
एग्जिट पोल के अनुमानों को खारिज करते हुए उन्होंने दावा किया कि टीएमसी निर्णायक बहुमत के साथ जीत की ओर बढ़ रही है. ममता ने बीजेपी पर मनोवैज्ञानिक युद्ध का आरोप भी लगाया. उनका कहना था कि विपक्ष मीडिया के जरिए मनगढ़ंत एग्जिट पोल फैलाकर कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने की कोशिश कर रहा है. भारत निर्वाचन आयोग ने टीएमसी के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है.