बेंगलुरु में 37 डिग्री की तेज गर्मी के बाद बुधवार शाम को अचानक मौसम ने करवट ली. तेज हवाओं, भारी बारिश और ओलावृष्टि ने पूरे शहर को प्रभावित कर दिया. कुछ ही घंटों में कई इलाकों में कमर तक पानी भर गया, यातायात ठप हो गया और कई जानें चली गईं. इस तूफान ने शहर की सिविल व्यवस्था की पोल खोल दी. अस्पताल की दीवार गिरने से 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि अन्य घटनाओं में मौत का आंकड़ा बढ़कर 10 हो गया.
बुधवार शाम को बेंगलुरु में आए तूफान में कुल 10 लोगों की मौत हो गई. सबसे ज्यादा जानें अस्पताल की दीवार गिरने से गईं, जहां 7 लोग मारे गए. इसमें एक बच्चा भी शामिल है. गुरुवार को तीन और मौतों की खबर आई, जिससे कुल मौतों की संख्या 10 पहुंच गई.
बारिश शुरू होते ही शहर के कई इलाकों में कमर तक पानी भर गया. रिचमंड टाउन, शांतिनगर और अन्य इलाकों में भारी जलभराव देखा गया. विधान सौधा में भी पानी घुस गया और विपक्ष के नेता आर अशोक के कार्यालय में भी पानी भर गया. सड़कों पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया.
बोवरिंग एंड लेडी कर्जन अस्पताल की कंपाउंड वॉल तूफान में गिर गई. इस हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई और 7 अन्य घायल हुए. दीवार पुरानी होने और सही तरीके से नहीं बनी होने का आरोप लगाया जा रहा है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने घायलों और प्रभावितों को मुआवजा देने की मांग की है.
शहर भर में कम से कम 87 पेड़ उखड़ गए और 131 शाखाएं टूट गईं. मल्लेश्वरम, शांतिनगर और शेषाद्रीपुरम समेत कई इलाकों में पेड़ गिरने की घटनाएं हुईं. तेज बारिश के कारण ट्रैफिक पूरी तरह से जाम हो गया. फायर ब्रिगेड, ट्रैफिक पुलिस और सिविल स्टाफ ने राहत कार्य शुरू किया.
चर्च स्ट्रीट पर स्थित प्रसिद्ध बुकस्टोर ‘द बुकवर्म’ को भारी नुकसान पहुंचा. बारिश के पानी में 4000 से 5000 किताबें बर्बाद हो गईं. स्टोर ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कीं, जिसके बाद लोगों ने मदद के लिए आगे आने की अपील की.