अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से ईरान को लेकर कई दावे दोहराए हैं. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका अपने लक्ष्यों को हासिल करने के काफी करीब पहुंच गया है. व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने दावा किया कि ईरान समझौते के लिए बेचैन हैं.
राष्ट्रपित ट्रंप ने ईरान पर और भी कई गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने ईरान पर बड़े पैमाने पर अपने नागरिकों को मौत की सजाएं देने का आरोप लगाया. हालांकि इसके साथ उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका के समय पर हस्तक्षेप करने के कारण कई निर्दोषों की जान बच गईं.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान की आर्थिक स्थिति चरमराई हुई है, लेकिन वहां के लोग अमेरिकी प्रतिबंधों की सराहना कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों के कारण ईरान तेल निर्यात से कोई आय नहीं कमा पा रहा है, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था तेजी से ढह रही है. राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि पिछले दो महीनों में ईरान ने करीब 42,000 लोगों को मार डाला. उन्होंने विशेष रूप से आठ महिलाओं के फांसी दिए जाने वाले मामले का जिक्र करते हुए कहा कि वे आठ महिलाओं को फांसी देने वाले थे, जिनकी जान मैंने बचाई. इस बात की सूचना मिलते ही मैंने तुरंत फोन उठाया और कहा कि ऐसा मत करो, पूरी दुनिया तुम्हें देख रही है. मेरे से बात करने के बाद उन्होंने ऐसा नहीं किया और मैं इसकी तारीफ करता हूं.
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वे इसे युद्ध नहीं, बल्कि सैन्य अभियान कहना ज्यादा पसंद करते हैं. उनके अनुसार, ईरान में विरोध प्रदर्शनों के दौरान निहत्थे और बेकसूर लोगों को निशाना बनाया गया, और मौतों की असली संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है. उन्होंने दावा किया कि ईरान की सैन्य शक्ति को लगभग समाप्त हो चुकी है. देश की ड्रोन फैक्टरियां करीब 82 प्रतिशत तक बंद हो चुकी हैं, जबकि मिसाइल फैक्टरियां लगभग 90 प्रतिशत तक नष्ट हो गई हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की कभी अनुमति नहीं दी जा सकती. उन्होंने स्वीकार किया कि ईरान के साथ चल रही बातचीत आगे बढ़ रही है, लेकिन इसकी वास्तविक स्थिति के बारे में केवल कुछ चुनिंदा लोगों को ही जानकारी है.