उत्तर प्रदेश का संभल इन दिनों अपने स्कूलों की वजह से खूब चर्चाओं में है. कुछ दिनों पहले एक शिक्षक को जिलाधिकारी ने मोबाइल चलाते पकड़ा था. गुरुजी स्कूल में ही मोबाइल गेम खेला करते थे. अब संभल के ही स्कूलों में बच्चों के लिए नया फरमान जारी किया गया है. कहा गया है कि स्कूल के बच्चे 'सर' या 'मैडम' नहीं बोलेंगे. उन्हें 'गुरुजी' या 'दीदीजी' बोलना होगा. इतना ही नहीं, अभिवादन के लिए नमस्ते और जय हिंद जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना होगा. साथ ही, यह भी कहा गया कि क्लास में आने से पहले जूते-चप्पल निकालने होंगे. कोई भी स्टूडेंट क्लास में जूते पहनकर नहीं आएगा.
यह नया फरमान सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है. कहा गया है कि स्कूल के शिक्षकों को भी कहा गया है कि वे जींस पहनकर न आएं. रिपोर्ट के मुताबिक, यह भी कहा गया है कि बच्चे आपस में एक-दूसरे को भी भैया और दीदी कहकर ही संबोधित करेंगे. एबीएसए ने इस बार में बताया कि इससे भारतीय संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और आपसी सम्मान भी बढ़ेगा. स्कूलों के प्रधानाचार्यों को कहना है कि बीएसए की ओर से जारी निर्देश मिल गए हैं और इसका पालन शुरू करा दिया गया है.
इसके बारे में संभल की बीएसए ने कहा, 'जो हमारे विद्यालय हैं उनमें भारतीय संस्कृति और परंपराएं है वे बच्चों तक पहुंचे. इसी को लेकर आदेश था कि पुरातन संस्कृति के तहत शिक्षिकाओं को दीदी या बहनजी कहा जाए और शिक्षकों को गुरुजी कहा जाए. उद्देश्य है कि इससे शिक्षकों का सम्मान बढ़ेगा. निरीक्षण में जो लोग जाएंगे वे भी शिक्षकों और शिक्षिकाओं को ऐसे ही संबोधित करेंगे. स्कूल टाइम में अध्यापक तंबाकू या ऐसी नशीली चीजों का सेवन नहीं करेंगे.'
उन्होंने आगे कहा, 'प्लास्टिक पर भी रोक लगाई गई है कि स्कूल में प्लास्टिक का इस्तेमाल न करें. बच्चे नमस्ते बोलें, जय हिंद बोलें. जय हिंद बोलने से राष्ट्र प्रेम की भावना जागृत होंगी. शिक्षक और शिक्षक जींस-टीशर्ट में ना आएं. उद्देश्य है कि स्कूल विद्या का मंदिर है तो वैसा ही आचरण भी किया जाएगा. हम उम्मीद करते हैं कि अध्यापक इसका पालन करें.'