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कुत्ता या बिल्ली नहीं यहां पत्थरों को पालते हैं लोग, समझिए क्या है अनोखी वजह?

कभी-कभी लोग कुछ ऐसे काम करते हैं, जिनपर आपको यकीन नहीं होगा. ऐसा ही आज हम आपको एक ऐसी अजीबोगरीब बात बताने जा रहे हैं, जिसको सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे. एक देश में लोगों ने पत्थर पालना शुरू कर दिया है और इसकी वजह जानकर आप हैरान हो जाएंगे.

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कुत्ता या बिल्ली नहीं यहां पत्थरों को पालते हैं लोग, समझिए क्या है अनोखी वजह?

लोग अपना अकेलापन दूर करने के लिए कई सारे उपाय करते हैं. कुछ पौधों से प्यार करने लगते हैं तो कुछ जानवरों के साथ वक्त बिताना शुरू कर देते हैं. वहीं, एक देश में अकेलापन दूर करने के लिए ऐसा ट्रेंड शुरू हुआ है, जिसको जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे. 

हमारी मॉर्डन सोसाइटी में अकेलापन एक महामारी की तरह है. अकेलापन किसी इंसान को अंदर से तोड़ देता है. इंसान खुद को अलग महसूस करता है. जो लोग अकेलेपन से जूझ रहे होते हैं. उनके मन में कई प्रकार के ख्याल आते हैं. साउथ कोरिया में लोगों ने अकेलेपन से निपटने के लिए एक नया और अनोखा तरीका खोज निकाला है. अब पूरी दुनिया में में इसकी चर्चा हो रही है. 

पालते हैं पत्थर

दक्षिण कोरिया में लोग कुत्ते और बिल्ली नहीं बल्कि पत्थर पालते हैं. जी हां सुनने में थोड़ा अजीब लगेगा पर यह सत्य है. यहां के लोग पत्थरों को नामों से भी बुलाते हैं. लोग इन पालतू पत्थरों का ख्याल भी रखते हैं और इन्हें परिवार के लोगों की तरह सुंदर पोशाक भी पहनाते हैं. इनको ठंड से बचाने के लिए कंबल भी ओढ़ाते हैं. साउथ इंडिया में पत्थरों का बिजनेस काफी फलफूल रहा है. 

वॉक पर भी ले जाते हैं साथ 

लोग इन पालतू पत्थरों को वॉक पर भी अपने साथ ले जाते हैं. इसके साथ ही लोगों का कहना है कि वे इन पत्थरों का साथ पाकर खुद को काफी बेहतर महसूस कर पाते हैं.