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'लड़कों को तो मैं दौड़ा-दौड़ाकर मारती थी...', वायरल हो गया स्मृति ईरानी का यह वीडियो

Smriti Irani Viral Video: स्मृति ईरानी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है जिसमें वह बता रही हैं कि दिल्ली में वह लड़कों को बहुत मारती थीं, खासकर उनको जो लड़कियों से छेड़खानी करते थे.

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'लड़कों को तो मैं दौड़ा-दौड़ाकर मारती थी...', वायरल हो गया स्मृति ईरानी का यह वीडियो
Courtesy: Social Media

केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता स्मृति ईरानी अपने बेबाक अंदाज के लिए जानी जाती हैं. अब उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है जिसमें वह लड़कों को पीटने के बारे में बता रही हैं. इस इंटरव्यू में लड़कों को लेकर स्मृति ईरानी ने कुछ ऐसा कहा है जिसके चलते उनका यह बयान चर्चा का विषय बन गया है. उत्तर प्रदेश की अमेठी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहीं स्मृति ईरानी ने एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में अपनी जिंदगी से जुड़े कई अहम खुलासे किए हैं. उन्होंने 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी...' सीरियल में खुद को रोल मिलने के बारे में भी अहम बातें बताई हैं.

स्मृति ईरानी ने बताया कि वह खाने-पीने की बहुत शौकीन हैं और बाहर भी तभी जाती हैं जब उन्हें कहीं अच्छा खाना मिलने वाला हो. राजनीति में अपनी एंट्री के बारे में स्मृति ईरानी ने बताया कि उनके घर के लोग पहले से ही सामाजिक कार्यों में सक्रिय थे और उन्होंने अपने घर के लोगों को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में काम करते थे. इसके बाद उनकी जहां शादी हुई वह क्षेत्र नक्सल प्रभावित था, तो वहीं से इसकी नींव पड़ी.

'आरके पुरम वालों को पता है वहां की कहानी'

स्मृति ईरानी इस वीडियो में बताती हैं कि वह बचपन से ही दिल्ली में रही हैं. दिल्ली के आरके पुरम में रहने और वहां के जीवन का किस्सा सुनाते हुए स्मृति ईरानी ने कहा, 'वहां पर अगर किसी ने किसी को कुछ बोल दिया तो लड़कियां पहले मेरे पास आती थीं कि इसको ... है. मैंने कई बार लड़कों को पीटा भी है. एक बार तो ऐसे पीटा है, हमारी गली में एक लड़के ने किसी को छेड़ा था उसको हम मार रहे थे और उसके दो दोस्त देख रहे थे. मेरी मां को पता था कि मैं मारपीट करती हूं.'

स्मृति ईरानी ने आगे बताया, 'साल 2003 से ही मैं बीजेपी में पदाधिकारी रही हूं. मैं पांच बार राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य रही हूं. मैं सिनेमा और राजनीति दोनों में रही हूं लेकिन मेरा मानना है कि राजनीति से ज्यादा मुश्किल कई बार सिनेमा हो जाता है.'