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After Death Experience: '8 घंटे नर्क में रहा, पांच मंजिला राक्षसों ने की क्रूरता, दुश्मन को भी न हों...,' शख्स ने किए भयानक दावे

After Death Experience: अमेरिका के एक धर्मशास्त्री स्टीव कांग ने दावा किया है कि आत्महत्या की कोशिश के बाद उन्होंने आठ घंटे तक नरक का अनुभव किया, जहां वे एक अंधेरी और सुनसान दुनिया में पहुंचे, जिसे उन्होंने 'नरक का राक्षसी क्षेत्र' कहा.

Ritu Sharma
Edited By: Ritu Sharma
After Death Experience: '8 घंटे नर्क में रहा, पांच मंजिला राक्षसों ने की क्रूरता, दुश्मन को भी न हों...,' शख्स ने किए भयानक दावे
Courtesy: Social Media

After Death Experience: अमेरिका के एक धर्मशास्त्री स्टीव कांग का दावा है कि उन्होंने आत्महत्या की कोशिश के बाद आठ घंटे तक नरक का अनुभव किया. उनका कहना है कि उस समय वे अस्पताल में ऑपरेशन टेबल पर थे और चिकित्सकों की कोशिश के बीच वे एक दूसरी ही दुनिया में पहुंच गए, जिसे उन्होंने ''नरक का राक्षसी क्षेत्र'' बताया.

बता दें कि स्टीव कांग के मुताबिक, ''मैं उस जगह पर था जहां कोई रोशनी नहीं थी. वहां पेड़-पौधे तक नहीं थे. सिर्फ पत्थर जैसी सख्त जमीन थी और चारों ओर सन्नाटा.'' उन्होंने बताया कि उन्होंने विशाल राक्षस देखे, जो पांच मंजिला इमारत जितने बड़े थे.

'मैं नहीं चाहता कि मेरा दुश्मन भी वहां जाए'

वहीं कभी बौद्ध भिक्षु बनने की तैयारी कर चुके स्टीव अब एक ईसाई प्रचारक हैं. उन्होंने कहा, ''मैं नहीं चाहता कि किम जोंग-इल या हिटलर भी उस जगह जाएं. वो नरक ऐसी जगह है जहां मैं अपने सबसे बड़े दुश्मन को भी नहीं देखना चाहूंगा.'' स्टीव ने कबूल किया कि युवावस्था में वह मेथ, एक्स्टसी और 'मौत का कटोरा' नामक जहरीले ड्रिंक के आदी थे. एक वक्त ऐसा आया जब वे मानसिक रूप से टूट गए और एक अजीब सी शक्ति ने उन्हें खुदकुशी की तरफ धकेल दिया.

'मैं एक पापी था, मुझे वहां होना ही था'

स्टीव ने आगे बताया कि जब वह उस अंधेरी जगह में पहुंचे तो उन्हें पहली बार यह एहसास हुआ कि ''मैं एक बुरा इंसान था और उस नरक में होना मेरी करनी का ही नतीजा था.'' बताते चले कि पॉडकास्टर व्लाद सावचुक से बातचीत में उन्होंने बताया कि उस जगह पर इतना दर्द था कि किसी से यह पूछना भी मुश्किल था कि 'तुम कौन हो?' उन्होंने यह भी कहा, 'मुझे लगा मैं वहां से कभी निकल नहीं पाऊंगा.'

अंत में मिला दूसरा मौका

हालांकि, सर्जनों की कड़ी मेहनत से स्टीव की जान बच गई और उन्होंने इसे 'दूसरा मौका' माना. उन्होंने इस अनुभव को अपनी आध्यात्मिक जागृति बताया और आज वे दुनिया को चेतावनी देते हैं कि 'इस नरक से हर हाल में बचो.'