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India Daily

दुबई में हजारों कुत्ते-बिल्लियां छोड़कर जा रहे मालिक, बेजुबानों पर पड़ रही ईरान-इजरायल युद्ध की मार

कुत्तों को बचाने वाली संस्था K9 फ्रेंड्स ने बताया कि बहुत से लोग अचानक देश छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं और उनके पालतू जानवर पीछे रह जाते हैं. संस्था इन जानवरों की देखभाल करने की कोशिश कर रही है, लेकिन संसाधन सीमित हैं.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
दुबई में हजारों कुत्ते-बिल्लियां छोड़कर जा रहे मालिक, बेजुबानों पर पड़ रही ईरान-इजरायल युद्ध की मार
Courtesy: pinterest

मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध का असर अब पालतू जानवरों पर भी दिखाई देने लगा है. दुबई में बड़ी संख्या में लोग अपने कुत्ते और बिल्लियां छोड़कर देश से जा रहे हैं. पशु कल्याण संगठनों का कहना है कि हालात बिगड़ने के कारण कई विदेशी नागरिक जल्दबाजी में अपने देश लौट रहे हैं और इस वजह से उनके पालतू जानवर पीछे छूट जा रहे हैं.

पशु कल्याण संस्था आरएसपीसीए के अनुसार यह जानवर इस संकट के छिपे हुए पीड़ित बनते जा रहे हैं. संस्था से जुड़े लोगों का कहना है कि कई परिवार अचानक शहर छोड़ रहे हैं और उनके पास अपने पालतू जानवरों को साथ ले जाने का समय या व्यवस्था नहीं होती. ऐसे में कई कुत्ते और बिल्लियां सड़कों या खाली घरों में छोड़ दिए जा रहे हैं.

ब्रिटेन सरकार द्वारा हाल ही में मध्य पूर्व से लोगों को निकालने के लिए आपातकालीन उड़ानें चलाई गई थीं. बताया जा रहा है कि 1 मार्च के बाद से करीब 45 हजार ब्रिटिश नागरिक इस क्षेत्र से जा चुके हैं. पशु कार्यकर्ताओं के मुताबिक कई जानवरों के शरीर में माइक्रोचिप लगी होती है, जिससे पता चलता है कि उन्हें पहले परिवार का हिस्सा मानकर रखा जाता था, लेकिन हालात बिगड़ते ही उन्हें छोड़ दिया गया.

दुबई के कई पशु आश्रय गृहों का कहना है कि उनके पास आने वाले जानवरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. कुत्तों को बचाने वाली संस्था K9 फ्रेंड्स ने बताया कि बहुत से लोग अचानक देश छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं और उनके पालतू जानवर पीछे रह जाते हैं. संस्था इन जानवरों की देखभाल करने की कोशिश कर रही है, लेकिन संसाधन सीमित हैं.

कुछ संस्थाओं ने यह भी कहा है कि उनके आश्रय गृह अब लगभग भर चुके हैं. घायल या छोड़ी गई बिल्लियों और कुत्तों को लेकर लगातार फोन आ रहे हैं. कर्मचारियों और पैसों की कमी के कारण इन संगठनों के लिए सभी जानवरों की मदद करना मुश्किल हो रहा है.

दुबई प्रशासन ने इस समस्या को देखते हुए शहर में एआई आधारित फीडिंग स्टेशन शुरू किए हैं, जहां आवारा जानवरों को खाना दिया जाएगा. यूएई में पालतू जानवरों को छोड़ना कानूनन अपराध है और ऐसा करने पर भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है. पशु संगठनों ने लोगों से अपील की है कि संकट के समय भी अपने पालतू जानवरों को अकेला न छोड़ें और उनके लिए सुरक्षित व्यवस्था जरूर करें.