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India Daily

आग और मिसाइलों के बीच भी मोहब्बत! इजराइल का 'बम शेल्टर डेटिंग' आइडिया हुआ वायरल

इजराइल के विदेश मंत्रालय ने मिसाइल अलर्ट के दौरान बम शेल्टर में QR कोड से सिंगल्स को जोड़ने वाले 'बम शेल्टर डेटिंग' ऐप का वीडियो शेयर किया है, जो वायरल हो गया है. कुछ इसे इनोवेशन मान रहे हैं, तो कई इसे युद्ध के बीच अनुचित और अपमानजनक बता रहे हैं. 

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
आग और मिसाइलों के बीच भी मोहब्बत! इजराइल का 'बम शेल्टर डेटिंग' आइडिया हुआ वायरल
Courtesy: @Israel

नई दिल्ली: इजराइल-ईरान तनाव के बीच एक अनोखा और विवादास्पद विचार सोशल मीडिया पर छाया हुआ है. इजराइल के विदेश मंत्रालय ने एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें बम शेल्टर में QR कोड स्कैन करके सिंगल लोग एक-दूसरे से जुड़ सकते हैं.

इसे 'हुकड' ऐप के जरिए स्पीड-डेटिंग जैसा बताया गया है. मंत्रालय का कहना है कि युद्ध की स्थिति में भी जीवन और इनोवेशन रुकना नहीं चाहिए, लेकिन इस पोस्ट ने ऑनलाइन बहस छेड़ दी है. लोग इसे हिम्मत का प्रतीक मान रहे हैं या फिर युद्ध को हल्का करने वाला बता रहे हैं.

बम शेल्टर डेटिंग का पूरा कॉन्सेप्ट

यह विचार 'हुकड' नाम के ऐप पर आधारित है. बम शेल्टर के प्रवेश द्वार पर QR कोड लगाए जाते हैं. जब सायरन बजता है और लोग शेल्टर में जाते हैं, तो वे कोड स्कैन करके उसी शेल्टर में मौजूद अन्य सिंगल लोगों की लिस्ट देख सकते हैं. मकसद है कि डर और तनाव के बीच भी बातचीत शुरू हो सके और लोग अकेले न महसूस करें.

आपातकाल के लिए बने अन्य ऐप्स

इजराइल में मिसाइल अलर्ट अब रोजमर्रा की बात हो गई है. इसी वजह से कई ऐप्स बन गए हैं. कोई ऐप अलर्ट के बीच सुरक्षित समय पर नहाने की सलाह देता है, तो कोई नींद में आने वाली खलल को ट्रैक करता है. विदेश मंत्रालय ने इन सभी को एक थ्रेड में शेयर किया और कहा कि मुश्किल हालात में भी तकनीक लोगों की जिंदगी आसान बना रही है.

सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

पोस्ट वायरल होते ही X पर बहस शुरू हो गई. कुछ यूजर्स ने इसे सराहा और कहा कि यह दिखाता है इंसान कितना मजबूत होता है. लेकिन ज्यादातर ने इसे गलत ठहराया. एक यूजर ने लिखा, 'लोग मर रहे हैं, शोक मना रहे हैं, और आप डेटिंग की बात कर रहे हैं?' कई ने इसे युद्ध का मजाक उड़ाने वाला बताया और 'कॉपियम' जैसा शब्द इस्तेमाल किया.

युद्ध और डिजिटल कल्चर की बहस

यह मामला सिर्फ एक ऐप का नहीं है. यह सवाल उठाता है कि युद्ध के समय सोशल मीडिया और टेक्नोलॉजी का रोल क्या होना चाहिए. क्या ऐसे कॉन्सेप्ट लोगों को हौसला देते हैं या फिर संवेदनशीलता की कमी दिखाते हैं? इजराइल में रोजाना की जिंदगी और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की कोशिश जारी है, लेकिन इस पोस्ट ने दुनिया भर में चर्चा छेड़ दी है.