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मसूड़े के सूजन को दिखाने डॉक्टर के पास पहुंचा मरीज, जांच में निकली बीमारी के कारण कटवाने पड़े दोनों हाथ-पैर

मसूड़ों की साधारण समस्या से शुरू हुआ मामला गंभीर संक्रमण में बदल गया और व्यक्ति को हाथ-पैर गंवाने पड़े. समय पर इलाज से उसकी जान बचाई गई.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
मसूड़े के सूजन को दिखाने डॉक्टर के पास पहुंचा मरीज, जांच में निकली बीमारी के कारण कटवाने पड़े दोनों हाथ-पैर
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक सामान्य दांत और मसूड़ों की समस्या ने एक व्यक्ति की जिंदगी पूरी तरह बदल दी. डेवन वैंटरपूल नाम के व्यक्ति को मसूड़ों में सूजन और दर्द की शिकायत थी, जिसके चलते वह नियमित जांच के लिए डेंटिस्ट के पास गया था. शुरुआत में यह एक सामान्य डेंटल समस्या लग रही थी लेकिन कुछ ही घंटों में स्थिति बेहद गंभीर हो गई.

डेंटिस्ट द्वारा जांच के दौरान यह पाया गया कि उसके मसूड़े काफी सूजे हुए थे और उनमें से खून भी निकल रहा था. जांच के बाद वह घर लौट आया लेकिन करीब 45 मिनट के भीतर ही उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. उसे तेज ठंड लगना, कंपकंपी, कमजोरी, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण महसूस होने लगे. शुरुआत में इसे सामान्य फ्लू समझा गया लेकिन हालत तेजी से खराब होती चली गई.

जांच में क्या आया सामने?

दो दिन बाद जब स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो उसे अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि वह Septic Shock में चला गया है. यह एक गंभीर स्थिति होती है, जिसमें शरीर में संक्रमण तेजी से फैलकर अंगों को नुकसान पहुंचाने लगता है.

क्यों काटने पड़े हाथ और पैर?

संक्रमण इतना फैल चुका था कि उसके महत्वपूर्ण अंग काम करना बंद करने लगे थे. डॉक्टरों के सामने उसकी जान बचाना सबसे बड़ी चुनौती बन गई थी. ऐसे में संक्रमण को रोकने के लिए डॉक्टरों को सख्त कदम उठाना पड़ा. परिवार की अनुमति के बाद उसका एक पैर पूरी तरह, दूसरे पैर का घुटने के नीचे का हिस्सा और दोनों हाथ काटने पड़े.

डॉक्टरों के अनुसार यह संक्रमण मसूड़ों से खून के जरिए शरीर में प्रवेश कर गया था. आमतौर पर मुंह में मौजूद बैक्टीरिया नुकसान नहीं पहुंचाते, लेकिन जब वे खून में मिल जाते हैं, तो खतरनाक संक्रमण पैदा कर सकते हैं.

कौन सी हुई थी बीमरी?

इलाज के दौरान डेवन को परपुरा फुलमिनन्स नाम की एक दुर्लभ और जानलेवा बीमारी भी हो गई, जिसमें शरीर के ऊतक तेजी से नष्ट होने लगते हैं. उसकी हालत इतनी गंभीर हो गई थी कि उसे वेंटिलेटर और लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखना पड़ा.

डॉक्टरों की कड़ी मेहनत और समय पर इलाज की वजह से उसकी जान बचाई जा सकी, लेकिन उसे अपने दोनों हाथ और पैर खोने पड़े.