एक महीने में 1.43 लाख रुपये खर्च? Google वाली पूजा ने खोला फरवरी में खर्च का अपना चिट्ठा, वीडियो वायरल

गूगल में काम करने वाली 24 वर्षीय पूजा नरूला ने इंस्टाग्राम पर फरवरी 2026 के अपने 1.43 लाख रुपये के मासिक खर्च का विस्तृत ब्रेकडाउन शेयर किया, जो सोशल मीडिया पर छा गया.

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Reepu Kumari

बेंगलुरु, जहां टेक जॉब्स की चमक है, लेकिन रहने का खर्च भी आसमान छू रहा है. गूगल की एक युवा कर्मचारी पूजा नरूला ने हाल ही में एक वीडियो में फरवरी महीने के अपने कुल 1.43 लाख रुपये के खर्चों का पूरा हिसाब-किताब दिखाया. यह ब्रेकडाउन न सिर्फ उनकी पर्सनल फाइनेंस की झलक देता है, बल्कि शहर की महंगाई और युवाओं की लाइफस्टाइल पर भी रोशनी डालता है. कई एकमुश्त खर्चों के बावजूद यह आंकड़ा आम लोगों को चौंका रहा है. पूजा ने खुद माना कि सब कुछ महंगा है और अगले महीने बजट कंट्रोल करने की कोशिश करेंगी.

फिक्स्ड खर्चों से शुरू हुआ हिसाब

पूजा ने सबसे पहले नियमित खर्च बताए. उनका कमरा किराया 22,400 रुपये है. मेड और कुक की सर्विस पर 2,800 रुपये जाते हैं. बिजली, पानी जैसे बिलों के लिए करीब 2,000 रुपये अलग रखती हैं. ये बेसिक खर्चे हर महीने लगभग फिक्स्ड रहते हैं. शहर में अच्छी लोकेशन और सुविधाओं वाला कमरा मिलना ही बड़ी राहत है, लेकिन कीमत भी उसी हिसाब से है.

सप्ताहांत की मस्ती पर 8,000 रुपये

लाइफस्टाइल का बड़ा हिस्सा वीकेंड सोशल एक्टिविटी है. पूजा ने बताया कि हर वीकेंड पर औसतन 2,000 रुपये खर्च होते हैं, जो पूरे महीने में 8,000 रुपये बन जाते हैं. दोस्तों के साथ बाहर खाना, पार्टी या घूमना-फिरना इनमें शामिल है. टेक हब होने की वजह से बेंगलुरु में ऐसे प्लान आसानी से बन जाते हैं, लेकिन ये छोटे-छोटे खर्चे मिलकर बड़ा आंकड़ा बना देते हैं.

एकमुश्त खर्चों ने बढ़ाया बोझ

फरवरी कुछ खास रहा क्योंकि कई वन-टाइम खर्च आए. घर बदलने के लिए पैकर्स को 3,000 रुपये और सिक्योरिटी डिपॉजिट पर 66,600 रुपये गए. घर जाने के लिए फ्लाइट टिकट 16,000 और एयरपोर्ट कैब 2,000 रुपये. इसके अलावा दोस्तों-परिवार के लिए गिफ्ट्स और खाने-पीने के प्लान पर 20,000 रुपये खर्च हुए. पूजा ने कहा कि ये सामान्य महीने का हिस्सा नहीं हैं.

अगले महीने कम खर्च का प्लान

वीडियो में पूजा ने ईमानदारी से माना कि 1.43 लाख ज्यादा लग रहे हैं. उन्होंने कैप्शन में लिखा कि शायद कभी दोबारा ऐसा ब्रेकडाउन नहीं करेंगी. लेकिन उम्मीद जताई कि मार्च में काफी कम खर्च होगा. 'सब कुछ सच में महंगा है' उनका कहना था. यह वीडियो युवाओं के बीच बजटिंग और शहर की महंगाई पर बहस छेड़ रहा है.

बेंगलुरु में लिविंग कॉस्ट की हकीकत

पूजा का यह खुलासा अकेला नहीं है. इससे पहले कई टेक प्रोफेशनल्स ने ऐसे ब्रेकडाउन शेयर किए, जहां किराया, फूड और लाइफस्टाइल पर लाखों रुपये उड़ जाते हैं. बेंगलुरु में अच्छी जिंदगी के लिए 'सिलिकॉन वैली टैक्स' जैसा बोझ युवा उठा रहे हैं. पूजा की तरह कई लोग अब बजट टाइट करने की कोशिश में हैं.