चीन के शंघाई में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां 'ली' नाम के एक 19 वर्षीय लड़के ने अपनी पूरी दौलत अपने माता-पिता के बजाय अपने बचपन के दोस्त के नाम कर दी है. ली ने अपनी करीब 2 करोड़ युआन (लगभग 28 करोड़ रुपये) की जायदाद की आधिकारिक वसीयत भी रजिस्टर्ड करा ली है. इस भारी-भरकम संपत्ति में शंघाई का एक आलीशान अपार्टमेंट और बैंक में जमा मोटी बचत राशि शामिल है, जिसे पाने के लिए उसके दोस्त को ली की मौत के 60 दिनों के भीतर दावा करना होगा.
किस बात से था नाराज
ली ने इस चौंकाने वाले फैसले के पीछे पारिवारिक कलह को मुख्य वजह बताया है. दरअसल, उसके माता-पिता का तलाक हो चुका है और दोनों ने ही दूसरी शादियां कर ली हैं. ली अपने माता-पिता के नए जीवनसाथियों को अपने परिवार का हिस्सा नहीं मानता और नहीं चाहता कि उसकी संपत्ति का एक भी हिस्सा उन्हें मिले. इसके अलावा, ली को एडवेंचर और जोखिम भरे खेलों का बेहद शौक है. किसी भी संभावित दुर्घटना को ध्यान में रखते हुए उसने सुरक्षा के तौर पर यह कानूनी कदम उठाया है.
चीनी कानून के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति अविवाहित और बेऔलाद है, तो उसकी संपत्ति पर पहला हक उसके माता-पिता का होता है. हालांकि, यदि व्यक्ति ने अपनी वैध वसीयत तैयार की है, तो वह परिवार से बाहर किसी को भी अपनी संपत्ति सौंप सकता है. ली ने भी अपनी वसीयत को 'चाइना विल रजिस्ट्रेशन सेंटर' में दर्ज कराया है. विशेषज्ञों का कहना है कि चीन में अब युवाओं के बीच वसीयत बनाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है, जहां पहले वसीयत करने वालों की औसत उम्र 77 साल थी, वह अब घटकर 67 साल रह गई है.