नई दिल्ली: टिकट बुक करने की जल्दी में नाम की एक गलत स्पेलिंग या उम्र का गलत अंक किसी से भी हो सकता है. गलती का पता तब चलता है, जब टिकट हाथ में आ चुका होता है. तब मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या अब इसे सुधारा जा सकता है? यह सवाल इसलिए भी अहम है, क्योंकि सफर के दौरान टिकट के साथ यात्री का वैध पहचान पत्र भी देखा जाता है.
खासकर नाम की गलती को हल्के में नहीं लेना चाहिए. अगर पहचान पत्र और टिकट का नाम अलग दिखे, तो यात्रा में परेशानी खड़ी हो सकती है. उम्र की गलती भी कई बार भारी पड़ती है, खासकर तब, जब उससे किसी खास श्रेणी या रियायत पर असर पड़ रहा हो. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि ऐसे में आपके पास कौन से रास्ते बचते हैं.
आईआरसीटीसी की वेबसाइट से बुक किए गए ऑनलाइन टिकट में नाम ऑनलाइन बदलने की सुविधा नहीं है. हालांकि रेलवे के नियमों के तहत नाम बदलने का अनुरोध आरक्षण कार्यालय में किया जा सकता है. इसके लिए ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से कम से कम 24 घंटे पहले नजदीकी रेलवे आरक्षण कार्यालय पहुंचना होता है. साथ में ऑनलाइन बुक किया टिकट और जरूरी पहचान व संबंध से जुड़े दस्तावेज ले जाना न भूलें.
कुछ परिस्थितियों में रेलवे टिकट को परिवार के दूसरे सदस्य के नाम पर बदलने की अनुमति देता है. इसमें पिता, माता, भाई, बहन, बेटा, बेटी, पति और पत्नी शामिल हैं. यह सुविधा सामान्य तौर पर सिर्फ एक बार मिलती है. इसलिए मामूली स्पेलिंग की गलती सुधारने और टिकट किसी दूसरे यात्री को देने के मामले को एक जैसा न समझें, क्योंकि दोनों के नियम अलग हैं.
टिकट बुक करते समय नाम, उम्र और लिंग की जानकारी दर्ज की जाती है. उम्र गलत दर्ज हो जाए, तो टिकट रद्द करने या नया बनवाने का फैसला करने से पहले रेलवे से स्थिति की पुष्टि करना बेहतर है. यह बात तब और जरूरी हो जाती है, जब उम्र की वजह से कोई विशेष श्रेणी या रियायत प्रभावित हो रही हो. रेलवे के मौजूदा नियमों में करंट बुकिंग वाले पीएनआर में नाम, उम्र या लिंग बदलने की अनुमति नहीं है.
ऑनलाइन बुक टिकट पर यात्रा करते समय बुक किए गए यात्रियों में से कम से कम एक के पास वैध फोटो पहचान पत्र होना चाहिए. इसके लिए आधार कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेज रखे जा सकते हैं. सबसे अच्छा तरीका यही है कि बुकिंग के समय ही नाम और बाकी जानकारी ध्यान से भरें और भुगतान से पहले एक बार दोबारा जांच लें.