नई दिल्ली: देशभर में करोड़ों घरों में रोज खाना पकाने के लिए एलपीजी पाइप और घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग होता है. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि एलपीजी पाइप का रंग नारंगी क्यों होता है और इस रंग का एलपीजी सिलेंडर सुरक्षा से क्या संबंध है.
बाजार में हरे और पारदर्शी पाइप भी मिलते हैं, लेकिन विशेषज्ञ हमेशा नारंगी पाइप को ही प्राथमिकता देने की सलाह देते हैं. आइए जानते हैं इसके पीछे का क्या कारण है?
नारंगी रंग के एलपीजी पाइप को सुरक्षा एलपीजी होज कहा जाता है. भारतीय मानक ब्यूरो यानी बीआईएस के मानकों के तहत बनने वाले असली सुरक्षा पाइप केवल इसी विशेष नारंगी रंग में उपलब्ध होते हैं. यह रंग संयोग से नहीं बल्कि जानबूझकर चुना गया है.
नारंगी को उच्च दृश्यता वाला रंग माना जाता है जो अंधेरे या कम रोशनी में भी आसानी से दिख जाता है, जिससे रसोई में किसी भी असामान्य स्थिति की पहचान जल्दी हो सकती है.साधारण पाइप के मुकाबले बीआईएस प्रमाणित नारंगी एलपीजी सिलेंडर पाइप में तीन विशेष परतें होती हैं जो इसे सबसे अलग बनाती हैं:
घरेलू सिलेंडर कनेक्शन में पारदर्शी या हरे रंग के पाइप का उपयोग करना खतरनाक साबित हो सकता है. ये पाइप मूल रूप से पानी या हवा के कम दबाव वाले कामों के लिए बने होते हैं. एलपीजी गैस में मौजूद प्रोपेन और ब्यूटेन जैसे रासायनिक तत्व साधारण प्लास्टिक या पारदर्शी पाइप को अंदर से कठोर बना देते हैं, जिससे जल्दी दरारें पड़ने लगती हैं और गैस रिसाव का खतरा बना रहता है.