लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अपने सरकारी आवास पांच कालिदास मार्ग, लखनऊ से महत्वाकांक्षी गंगा प्रोजेक्ट की शुरुआत करेंगे. इस योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश के बीस लाख से अधिक घरों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. सीएम योगी आदित्यनाथ की यह पहल राज्य के डिजिटल भविष्य की नींव मानी जा रही है. यूपी न्यूज में यह खबर आज की सबसे बड़ी और जनहित से जुड़ी घोषणा है.
योगी सरकार की इस योजना का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश के गांवों और छोटे शहरों को आधुनिक डिजिटल नेटवर्क से जोड़ना है. राज्य परिवर्तन आयोग और हिंदुजा ग्रुप की सहयोगी कंपनी वनओटीटी एंटरटेनमेंट लिमिटेड के बीच नौ मार्च को इस परियोजना के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे. इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण इलाकों में मजबूत डिजिटल ढांचा खड़ा किया जाएगा. यह गंगा प्रोजेक्ट राज्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला कदम है.
हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवा
सार्वजनिक स्थानों पर वाई-फाई की सुविधा
आईपीटीवी और ओटीटी मनोरंजन सेवाएं
सीसीटीवी आधारित सुरक्षा प्रणाली
साइबर सुरक्षा सेवाएं
विद्यालयों और संस्थानों की डिजिटल कनेक्टिविटी
गंगा प्रोजेक्ट के अंतर्गत न्याय पंचायत स्तर पर आठ से दस हजार युवाओं को डिजिटल सेवा प्रदाता के रूप में तैयार किया जाएगा. इनमें पचास प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है. इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से एक लाख से अधिक रोजगार के अवसर उत्पन्न होने का अनुमान है.
फ्रीलांसिंग और दूरस्थ कार्य के अवसर
ऑनलाइन व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम
डिजिटल पुस्तकालय की सुविधा
नई तकनीकों से जुड़े कौशल विकास पाठ्यक्रम
इन अवसरों से गांव के युवा अपने घर पर रहकर ही आजीविका कमा सकेंगे. यूपी सरकार का मानना है कि डिजिटल जुड़ाव भविष्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है.