केंद्र सरकार की ओर से ऐसी कई योजनाओं आम लोगों के लिए चलाई जाती है जिससे उनको आर्थिक रूप से मदद मिल सके. इसी कड़ी में सरकार दिव्यांगों के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है लेकिन इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए दिव्यांगता प्रमाण पत्र जरूरी होता है. जिसके आधार पर पेंशन, रेल यात्रा में रियायत सहित नौकरी में भी छूट का लाभ उठा सकते हैं. इसको बनवाने की प्रक्रिया बहुत आसान है.
दिव्यांग व्यक्ति प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए अपने नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर सप्ताह में किसी एक दिन जा कर पता कर सकते हैं. जहां मेडिकल बोर्ड में शामिल लोग मौजूद रहते हैं, वहीं जो आंख से नहीं देख पाते हैं उनके लिए सदर अस्पताल के ओपीडी में लगे कैंप पर जाकर भी इसे बनवा सकते हैं.
अगर कोई व्यक्ति अपना दिव्यांग सर्टिफिकेट बनवाना चाहता है. तो वह अपने जिले के अस्पताल या फिर उस हास्पीटल से संपर्क कर सकते हैं, जहां उसने दिव्यांगता का इलाज कराया हो, इसके बाद उस व्यक्ति को एक मेडिकल बोर्ड के सामने पेश होना पड़ता है. मेडिकल बोर्ड में एक से ज्यादा डॉक्टर अधिकारी शामिल हो सकते हैं. इसके बाद वह दिव्यांगता की गंभीरता, स्थायीता को जांच करते हैं और पूरा आंकलन के बाद दिव्यांग व्यक्ति को प्रमाण पत्र जारी करते हैं.
बता दें कि दिव्यांग सर्टिफिकेट सरकार के द्वारा उन लोगों के लिए चलाई जाती है जो शरीर से किसी ना किसी रूप में असमर्थ हैं तो उनके इस कोटे से छूट दी जाती है लेकिन ट्रेनी IAS पूजा खेडकर ने इसी दिव्यांग सर्टिफिकेट का फायदा उठाकर UPSC अटेंप्ट दिया और पास हो गई. हालांकि LBSNAA ने उनकी ट्रेनिग रद्द कर दी है. पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है.