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क्या आप भी ज्यादा बिजली बिल आने से हैं परेशान? जानें शिकायत का तरीका और आपके कानूनी अधिकार

अगर बिजली बिल अचानक बहुत ज्यादा आ जाए तो घबराने की जरूरत नहीं है. पहले बिल और मीटर की जांच करें, फिर बिजली कंपनी में शिकायत दर्ज कराएं.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
क्या आप भी ज्यादा बिजली बिल आने से हैं परेशान? जानें शिकायत का तरीका और आपके कानूनी अधिकार
Courtesy: Chatgpt (Representative image)

नई दिल्ली: गर्मियों के मौसम में एसी, कूलर, पंखे और अन्य बिजली से चलने वाले उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ने के कारण बिजली बिल बढ़ना सामान्य बात है. लेकिन यदि आपका बिजली बिल अचानक सामान्य से कई गुना अधिक आ जाए, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. कई बार मीटर की खराबी, गलत रीडिंग या बिलिंग में त्रुटि की वजह से भी उपभोक्ताओं को जरूरत से ज्यादा बिल मिल जाता है. ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं के पास शिकायत दर्ज कराने और अपने अधिकारों का इस्तेमाल करने का पूरा अधिकार होता है.

विशेषज्ञों के अनुसार बिजली बिल बढ़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं. सबसे आम कारण बिजली कंपनियों का स्लैब सिस्टम है, जिसमें निर्धारित यूनिट सीमा पार होने पर प्रति यूनिट बिजली की दर बढ़ जाती है. इसके अलावा मीटर रीडिंग में गलती, मीटर की तकनीकी खराबी, गलत टैरिफ श्रेणी लागू होना, पुराने और ज्यादा बिजली खपत करने वाले उपकरणों का उपयोग तथा स्मार्ट मीटर में तकनीकी समस्या भी अधिक बिल की वजह बन सकती है.

कैसे दर्ज कराएं शिकायत?

अगर आपको लगता है कि बिजली बिल वास्तविक खपत से अधिक आया है, तो सबसे पहले वर्तमान बिल की तुलना पिछले महीनों और पिछले वर्ष के इसी महीने के बिल से करें. कुल यूनिट खपत और रीडिंग की जांच करें. यदि कोई गड़बड़ी दिखाई देती है, तो संबंधित बिजली वितरण कंपनी के कार्यालय या ऑनलाइन माध्यम से तुरंत शिकायत दर्ज कराएं. शिकायत दर्ज करने के बाद शिकायत संख्या और बिल की प्रति सुरक्षित रखें ताकि आगे जरूरत पड़ने पर उसका उपयोग किया जा सके.

कहां से होता है समाधान?

बिजली उपभोक्ताओं को कानून के तहत कई महत्वपूर्ण अधिकार दिए गए हैं. हर बिजली वितरण कंपनी में उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम यानी सीजीआरएफ की व्यवस्था होती है, जहां बिलिंग विवाद, मीटर की खराबी और सेवा संबंधी शिकायतों का समाधान किया जाता है. यदि निर्धारित समय में समाधान नहीं मिलता या उपभोक्ता फोरम के फैसले से संतुष्ट नहीं है, तो वह राज्य के बिजली लोकपाल के पास अपील कर सकता है. इसके अलावा इलेक्ट्रिसिटी राइट्स ऑफ कंज्यूमर्स रूल्स 2020 के तहत उपभोक्ताओं को पारदर्शी बिलिंग, समय पर शिकायत निवारण और बेहतर बिजली सेवा का कानूनी अधिकार प्राप्त है.

बिजली बिल कम रखने के लिए ऊर्जा दक्ष और पांच स्टार रेटिंग वाले उपकरणों का उपयोग करना चाहिए. जरूरत न होने पर बिजली उपकरण बंद रखें और रोजाना बिजली की खपत पर नजर रखें. यदि संभव हो तो सरकारी योजनाओं के तहत सोलर पैनल लगवाने पर भी विचार किया जा सकता है. सही जानकारी और समय पर कार्रवाई से उपभोक्ता अनावश्यक बिजली बिल से बच सकते हैं और अपने अधिकारों की रक्षा कर सकते हैं.