नई दिल्ली: इस समय एलपीजी सिलेंडर को लेकर काफी किल्लत चल रही है. हालांकि, सरकार का कहना है कि एलपीजी को लेकर कोई किल्लत नहीं हो रही है, लेकिन लोगों में किल्लत का डर बैठा हुआ है. ऐसे में लोग अलग-अलग तरह के विकल्प खोज रहे हैं. आजकल भारतीय रसोईघरों में, कई परिवार पारंपरिक LPG गैस स्टोव से हटकर इंडक्शन कुकटॉप की तरफ रुख कर रहे हैं.
ग्लोबल मुद्दों जैसे कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण हाल ही में LPG की कीमतों में हुई बढ़ोतरी हुई है. 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत अब लगभग ₹900 से ₹950 के बीच हो गई है. वहीं, इंडक्शन कुकटॉप की बात करें तो इसकी बिक्री में भी जबरदस्त उछाल आया है. इन सभी के बीच हम आपको ये बता रहे हैं कि इन दोनों ऑप्शन्स में से हर घंटे के हिसाब से असल में पैसे की बचत किसमें होती है?
सबसे पहले, इसकी एफिशियंसी को समझना जरूरी है. इंडक्शन कुकटॉप बेहद एफिशियंट होते हैं. ये इलेक्ट्रोमैग्नेटिज्म का इस्तेमाल करके सीधे बर्तन को गर्म करते हैं, जिससे 10 से 15% बिजली खर्च होती है. वहीं, गैस स्टोव की बात करें तो इससे निकलने वाली लगभग 50–60% हीट हवा और आसपास फैल जाती है. स्टोव पर खाना पकाने में केवल 40% हीट ही काम आती है. इसका सीधा-सा मतलब यह है कि अगर आप इतनी ही बिजली खर्च करें तो इंडक्शन कुकटॉप से खाना पकाने के लिए ज्यादा हीट मिल जाती है.
LPG गैस का एक नॉर्मल बर्नर प्रति घंटे लगभग 0.14-0.20 किलोग्राम गैस खर्च करता है, हालांकि, यह आंच की तीव्रता पर भी निर्भर करता है. 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत ₹913 होने पर, गैस की प्रति किलोग्राम कीमत लगभग ₹64 बैठती है. इस हिसाब से, एक घंटे खाना पकाने का खर्च लगभग ₹10-₹13 आता है.
ज्यादातर इंडक्शन मॉडल की बात करें तो यह ज्यादातर 1-2 kW की पावर पर काम करते हैं. खाना पकाने के दौरान, ये प्रति घंटे लगभग 1.2-1.5 kW (या यूनिट) बिजली खर्च करते हैं. इनका औसत खर्च लगभग 1-1.5 यूनिट प्रति घंटा होता है. भारत में डॉमेस्टिक बिजली की दरें अलग-अलग राज्यों और खपत के स्लैब के हिसाब से अलग-अलग होती हैं, लेकिन आमतौर पर ये ₹5-₹8 प्रति यूनिट के बीच होती हैं. कई मामलों में, इंडक्शन कुकटॉप का इस्तेमाल करना ज्यादा सस्ता पड़ता है या फिर इसका खर्च LPG के लगभग बराबर ही रहता है. इससे हर घंटे करीब ₹1 से ₹5 तक की बचत हो सकती है.
एक सामान्य गैस सिलेंडर (14.2 किलो) घर में लगभग एक महीना चल जाता है. इसका खर्च करीब ₹913 से ₹950 रुपये मान सकते हैं. दूसरी तरफ, ज्यादातर इंडक्शन चूल्हे 1000 वॉट की औसत पावर पर चलते हैं. एक 4-5 सदस्यों वाले परिवार में नाश्ता, दोपहर और रात का खाना बनाने में कुल 4-5 घंटे लगते हैं.
मान लीजिए रोज 4 घंटे इंडक्शन चलता है, तो रोज 4 यूनिट बिजली खर्च होती है (1000W × 4 घंटे = 4 kWh). महीने में कुल 120 यूनिट बिजली लगती है. अगर बिजली का रेट 8 रुपये प्रति यूनिट है, तो महीने का खर्च 960 रुपये के आसपास आता है. इस हिसाब से दोनों का खर्च लगभग बराबर पड़ता है. लेकिन कुछ अतिरिक्त बातों से इंडक्शन थोड़ा सस्ता भी साबित हो सकता है, जैसे गैस सिलेंडर का रिफिल समय पर न मिलना, डिलीवरी चार्ज या बिजली का रेट कुछ जगहों पर कम होना.