क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए एक अच्छी खबर है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नए नियम जारी किए हैं, जिससे अब बिल भरने में थोड़ी देर होने पर भी आप पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा. अक्सर ऐसा होता है कि ड्यू डेट निकलने के बाद भूलवश भुगतान करने पर बैंक भारी लेट पेमेंट फीस और अतिरिक्त ब्याज वसूल लेते थे लेकिन अब RBI ने इस व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है. नियमों के अनुसार, अब बैंकों के लिए तीन दिन का ग्रेस पीरियड देना अनिवार्य कर दिया गया है. आइए जानते हैं ये नए नियम आपके लिए क्या मायने रखते हैं.
RBI के नए निर्देशों के मुताबिक, अब कोई भी बैंक ड्यू डेट निकलते ही तुरंत लेट पेमेंट चार्ज नहीं लगा सकता. उसे हर ग्राहक को कम से कम तीन दिन का अतिरिक्त समय देना होगा. उदाहरण के लिए, अगर आपके क्रेडिट कार्ड बिल की अंतिम तारीख 5 है, तो अब आप 8 तारीख तक बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपना बिल जमा कर सकते हैं. इस दौरान आपको कोई लेट फीस नहीं देनी पड़ेगी और न ही आपके खिलाफ कोई जुर्माना लगाया जाएगा. यह नियम सभी भारतीय बैंकों पर समान रूप से लागू होगा.
RBI ने एक और अहम बदलाव किया है. अगर आप तीन दिन के ग्रेस पीरियड के बाद भी बिल नहीं चुकाते हैं, तब भी लेट पेमेंट फीस सिर्फ आपकी बकाया राशि (Outstanding Amount) पर लगेगी, न कि पूरे बिल पर. पहले कई बैंक पूरे कुल बिल पर लेट फीस और ब्याज वसूल लेते थे, जिससे ग्राहकों पर काफी अतिरिक्त बोझ पड़ता था. अब ऐसा नहीं होगा. इससे यदि आपने बिल का अधिकांश हिस्सा पहले ही चुका दिया है 0और बहुत कम राशि बची है, तो उसी छोटी राशि पर ही लेट फीस और ब्याज लगेगा. इससे आपका ब्याज का बोझ काफी हद तक कम हो जाएगा.
इन नियमों के बाद भी यह समझना जरूरी है कि आपके क्रेडिट स्कोर पर कब असर पड़ेगा. RBI के अनुसार, आपका खाता ‘पास्ट ड्यू’ तभी माना जाएगा, जब तीन दिन का ग्रेस पीरियड भी समाप्त हो जाए. यानी अगर आपने 8 तारीख तक भी बिल का भुगतान नहीं किया, तो उसके बाद यह आपके क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक असर डाल सकता है. इसलिए भले ही RBI ने ढील दी है, लेकिन बेहतर यही है कि आप ड्यू डेट या उससे पहले ही अपना बिल चुका दें. इससे न तो लेट फीस की चिंता रहेगी, न ही क्रेडिट स्कोर खराब होने का डर.
RBI ने यह भी सुनिश्चित किया है कि बैंक ग्राहकों के साथ कोई छिपा हुआ व्यवहार न करें. नए नियमों के तहत, यदि कोई बैंक अपनी लेट फीस, ब्याज दरों या किसी अन्य शर्त में बदलाव करता है, तो उसे इसकी जानकारी अपने ग्राहकों को कम से कम एक महीने पहले देनी होगी. यह सूचना ईमेल, एसएमएस या मोबाइल ऐप के जरिए दी जा सकती है. इससे ग्राहकों को अपने बजट की योजना बनाने और समय पर भुगतान करने का पूरा अवसर मिलेगा. कुल मिलाकर, RBI ने क्रेडिट कार्ड यूजर्स की सुविधा का ध्यान रखते हुए ये राहत भरे नियम बनाए हैं, फिर भी समय पर बिल चुकाना ही सबसे अच्छा तरीका है.