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रिजल्ट के दिन भी दिखेगी तूफानी तेजी या औंधे मुंह गिरेगा शेयर बाजार, पैसा लगाने से पहले जान लें क्या कहता है पुराना ट्रेंड?

एग्जिट पोल्स की भविष्यवाणी के बाद आज शेयर बाजार में तूफानी तेजी देखने को मिली. अगर आप लोकसभा चुनाव के नतीजों के दिन शेयर बाजार में निवेश करने जा रहे हैं तो आपको पहले पिछला ट्रेंड जरूर जान लेना चाहिए.

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Courtesy: social media

Lok Sabha Elections 2024: मंगलवार 4 जून को लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे जारी किए जाएंगे. नतीजों से एक दिन पहले एग्जिट पोल की भविष्यवाणी के आधार पर आज भारतीय शेयर बाजार में तूफानी तेजी देखने को मिली. बेंचमार्क निफ्टी जहां अपने ऑल टाइम हाई पर पहुंचकर बंद हुआ वहीं सेंसेक्स ने भी रॉकेट की रफ्तार के साथ न्यू हाई बनाया. बाजार की इस तूफानी तेजी ने निवेशकों में एक नया जोश भर दिया है. निवेशकों को उम्मीद है कि मंगलवार को नतीजे आने के साथ ही बाजार फिर से सरपट दौड़ेगा.

बाजार में छाई हरियाली
निफ्टी इंडेक्स ने 23,338 के साथ आज अपना ऑल टाइम हाई लगा दिया. वहीं सेंसेक्स 76,738 के साथ नई ऊंचाई पर पहुंच गया. सभी 13 सेक्टोरियल इंडेक्स आज हरे निशान पर बंद हुए. निफ्टी इंडेक्स में आज 733 और सेंसेक्स में 2,507 अंकों की तेजी देखने को मिली. बाजार में लिस्टेड कुल कंपनियों के शेयरों में से 2,210 कंपनियों के शेयरों में उछाल, 1,310 कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई, जबकि 103 शेयरों में कोई हलचल नहीं हुई.

क्या नतीजों के दिन भी बनेगा शेयर बाजार में पैसा
बाजार की इस तेजी को देखकर अगर आप लोकसभा चुनाव के रिजल्ट वाले दिन शेयर बाजार में पैसा लगाने का विचार कर रहे हैं तो पहले आपको पिछले रिकॉर्ड पर नजर डाल लेनी चाहिए. आपको यह जरूर जानना चाहिए कि पूर्व में लोकसभा चुनाव के रिजल्ट वाले दिन बाजार ने कैसा रिएक्ट किया है, क्योंकि शेयर बाजार में निवेश बेहद जोखिम भरा होता है और ऐसे में बिना सोचे समझे पैसा लगाने से आपकी गाढ़ी कमाई डूब सकती है. 
तो आइए जानते हैं पूर्व का ट्रेंड....

पहले तेजी फिर गिरावट
2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव की गिनती के दौरान शुरुआत में शेयर बाजार में दमदार तेजी देखने को मिली थी लेकिन बाजार बंद होते होते मुनाफावसूली देखने को मिली. इस बार भी भारतीय शेयर बाजार पिछले ट्रेंड को दोहरा सकता है.

ट्रेंड के आधार पर अगले एक हफ्ते में कैसी रह सकती है बाजार की चाल...
2004:
2004 में लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद के पहले हफ्ते में सेंसेक्स में 8% का उछाल आया था. हालांकि अगले महीने इसमें 9.8% की गिरावट देखने को मिली थी. हालांकि निफ्टी पहले हफ्ते में 9% गिरा था. अगले हफ्ते इसमें 16% की गिरावट आई थी और अगले तीन महीनों में यह 7% गिरा. हालांकि 6 महीनों में यह 14% चढ़ा था.

2009:
2009 के लोकसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के पहले हफ्ते में सेंसेक्स 14.1 प्रतिशत उछला था. अगले महीने इसमें 22.9% का उछाल आया और इसके अगले तीन महीनों में यह 26.6% उछला. वहीं चुनावी नतीजों के बाद 6 महीनों में सेंसेक्स में 39.9% की बढ़त देखने को मिली थी. वहीं निफ्टी 50 नतीजों के बाद पहले हफ्ते में 17% चढ़ा था और एक महीने के भीतर 28% से ज्यादा चढ़ा. तीन महीने के भीतर यह 32% और 6 महीने में इसमें 45% की तेजी देखने को मिली थी.

2014:
पहली बार प्रधानमंत्री मोदी के केंद्र की सत्ता में आते ही पहले हफ्ते में 2% चढ़ा था. वहीं अगले महीने तक यह 5.4% चढ़ा. अगले तीन महीनों में सेंसेक्स 9.2% उछला वहीं 6 महीनों के भीतर सेंसेक्स ने 17.3% का शानदार रिटर्न दिया था. वहीं निफ्टी50 एक हफ्ते में 2.5%, एक महीने में 6.3% उछला. तीन महीने में निफ्टी ने 10.23% और 6 महीने में 18% का रिटर्न दिया.

2019:
वहीं नरेंद्र मोदी के लगातार दूसरी बार सत्ता की बागडोर संभालते ही  सेंसेक्स पहले हफ्ते में 1.9% चढ़ा. अगले महीने में 0.2% चढ़ा. हालांकि तीन महीने के भीतर इसमें 6.2% की गिरावट आई. वहीं 6 महीने में इसने 3.2% का रिटर्न दिया. वहीं निफ्टी50 ने पहले हफ्ते 2% का रिटर्न दिया, एक हफ्ते के अंदर यह 1% उछला, हालांकि अगले तीन महीनों में इसमें 6% की गिरावाट देखने को मिली लेकिन 6 महीनों के भीतर इसने 3% का रिटर्न दिया.