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Share Market: अमीर होने की चाह में हर 9वां इंडियंस कर रहा है ट्रेडिंग, आंकड़े हैरान कर देंगे

Share Market: कोविड काल के बाद भारत में शेयर मार्केट में निवेश करने वालों लोगों की संख्या तेजी से बढ़ी है. अगर आप आंकडे देखेंगे तो हैरान हो जाएंगे. दिन प्रतिदिन भारत में निवेशकों की संख्या बढ़ती जा रही है.

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Share Market: आज के समय में पैसे से पैसा कमाने के लिए लोग शेयर मार्केट में निवेश कर रहे हैं. एक समय था कि इंडियंस शेयर बाजार के बारे में जानते ही नहीं थे. लेकिन बिग बुल जैसी फिल्में आने के बाद निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ी है. इतना उत्साहित किया कि आंकड़े आपको हैरान कर देंगे. देश में आज के समय में 16 करोड़ लोग शेयर बाजार में निवेश करते हैं.

कोरोना काल के बाद भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने वाले भारतीयों की संख्या में कई गुना तक इजाफा हुआ है. 2018 में शेयर मार्केट में निवेश करने वाले भारतीयों की संख्या 3 करोड़ 19 लाख थी. 2024 में ये संख्या 16 करोड़ 42 लाख तक पहुंच गई है.

एक रिसर्च के मुताबिक भारत में रजिस्टर्ड डीमैट अकाउंट होल्डर्स में 80 फीसदी से ज्यादा लोग 50 हजार से अधिक की राशि निवेश किए हुए हैं.

ये राज्य नंबर वन पर

हमारे देश की जनसंख्या लगभग 140 करोड़ है. यानी देश का हर नौवां इंसान शेयर मार्केट में पैसा लगा रहा है. राज्यों की बात करें तो शेयर बाजार में निवेश करने के मामले में महाराष्ट्र के लोग सबसे आगे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र के 3.12 करोड़ लोग शेयर मार्केट में निवेश करते हैं.

दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश है. उत्तर प्रदेश के 1.73 करोड़ लोग शेयर मार्केट में पैसा लगाते हैं. तीसरे नंबर पर गुजरात है. गुजरात के 1.56 करोड़ लोग शेयर बाजार में निवेश करते हैं. चौथे पर राजस्थान और पांचवें पर मध्य प्रदेश है.

एक स्टडी के मुताबिक शेयर बाजार में निवेश करने वाले 52 प्रतिशत निवेशक नॉन मेट्रो सिटी में रहने वाले हैं. जबकि 60 फीसदी इंडियंस लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट करते हैं.

मंथली एक्टिव इनवेस्टर्स की संख्या अभी भी कम

पैसे कमाने के चाहे में बहुत से लोग डीमैट अकाउंट ओपन कर लेते हैं लेकिन एक दो बार निवेश करने के बाद वो इन्वेस्ट नहीं करते. क्योंकि भले ही 16.42 करोड़ लोगों का डीमैंट अकाउंट ओपन है. लेकिन एक्टिव निवेशक की संख्या मात्र 3.25 करोड़ है. ( ये उन निवेशकों की संख्या है जो महीने में कम से कम एक बार शेयर मार्केट में ट्रेडिंग करते हैं.) ऐसे में कहा जा सकता है कि भले ही भारतीयों ने डीमैट अकाउंट ओपन कर लिए हों लेकिन अभी भी भारत की आधिकारिक आबादी शेयर मार्केट से दूर है.