नई दिल्ली: जब आप किसी होटल में चेक-इन कुरते हैं, तो सबसे पहले काम आप क्या करते हैं? कमरा चेक करते होंगे या चादर और तौलिया कहीं गंदे तो नहीं हैं, ये चेक करते हैं. लेकिन इनसे पहले भी आपको एक काम ऐसा है जो करना बेहद जरूरी है. इस काम से आपकी प्राइवेसी का खतरा खत्म हो जाएगा. आजकल होटल के कमरों में कैमरे छिपे होने की खबरें सामने आती हैं. कई बार लोगों को इस परेशानी का सामना करना पड़ा है. कई लोगों ने इस तरह के जासूसी कैमरे मिलने की शिकायत की है.
अगर आप इस परेशानी को नहीं झेलना चाहते हैं, तो यहां हम आपको कुछ टिप्स बता रहे हैं, जो किसी भी होटल में आपकी प्राइवेसी को सुरक्षित रखने में मदद करेंगे. आप होटल में हिडेन कैमरा कैसे चेक कर सकते हैं, चलिए जानते हैं.
सबसे पहले आपको होटल में घुसते ही उन जगहों को चेक करना होगा, जो आम होती हैं. इन जगहों के लिए हमें लगाता है कि यहां कुछ नहीं हो सकता. स्मोक डिटेक्टर की सावधानी से चेक करें. यहां पर कई बार कैमरे छिपाए जाते हैं, जो पूरे कमरे का अच्छा नजारा देता है. किसी भी छोटे छेद या अजीब से दिखने वाले लेंस को भी चेक करें.
फिर डिजिटल वॉच, दीवार के शीशे, लैम्प और बिजली के आउटलेट को चेक करें. अगर आपको लगता है कि ऐसा कोई शीशा है, जो टू वे हो सकता है, तो उस पर अपनी उंगली रखकर चेक करें. अगर आपकी उंगली और उसकी परछाई के बीच कोई जगह न हो, तो यह शक पैदा कर सकता है.
आम जगहों के अलावा आप वाई-फाई राउटर, एसी और टीवी को भी चेक करें. बाथरूम के कुछ हिस्सों में भी चेक करें. कई बार शैम्पू की बोतलों या हुक में भी कैमरे छिपा दिए जाते हैं. लाइट बंद कर दें और अपने फोन की फ्लैशलाइट का इस्तेमाल करके किसी भी चमकते हुए लेंस या परछाई देखें. आप हिडन कैमरा डिटेक्टर ऐप या RF सिग्नल डिटेक्टर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
अगर आपको होटल के रूम में कुछ भी संदिग्ध लगे तो तुरतं होटल मैनेजमेंट को बताएं. साथ ही दूसरा कमरा भी मांगे. हर चीज की फोटो खींचकर उसे रिकॉर्ड करें और जरूरत पड़ने पर पुलिस को रिपोर्ट करें.