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क्रेडिट कार्ड का बिल न भरने पर क्या हो सकती है गिरफ्तारी? जानें क्या कहता है कानून

क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर न भरने पर कई वित्तीय नुकसान हो सकते हैं. लेकिन क्या इसके लिए पुलिस गिरफ्तारी कर सकती है. जानिए कानून क्या कहता है और आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

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Edited By: Babli Rautela
क्रेडिट कार्ड का बिल न भरने पर क्या हो सकती है गिरफ्तारी? जानें क्या कहता है कानून
Courtesy: X

आज के समय में क्रेडिट कार्ड लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. नौकरीपेशा हो या बिजनेस करने वाला व्यक्ति हर कोई इसका इस्तेमाल करता है. इससे बिना तुरंत पैसे दिए खरीदारी करना आसान हो जाता है. लेकिन इसकी सबसे बड़ी शर्त यही है कि बिल समय पर चुकाया जाए. अगर ऐसा नहीं होता तो यही सुविधा परेशानी का कारण बन सकती है.

अगर आप क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर नहीं भरते हैं तो सबसे पहला असर आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है. क्रेडिट स्कोर खराब होने का मतलब है कि भविष्य में लोन मिलना मुश्किल हो सकता है. बैंक आपको जोखिम भरा ग्राहक मानने लगते हैं. इसके अलावा आपको नया क्रेडिट कार्ड मिलने में भी परेशानी होती है. कई मामलों में बैंक आपका कार्ड ब्लॉक भी कर सकता है और आपकी प्रोफाइल को निगेटिव लिस्ट में डाल सकता है.

क्या पुलिस कर सकती है गिरफ्तारी?

यह सबसे बड़ा सवाल है जो ज्यादातर लोगों के मन में आता है. साफ तौर पर समझ लें कि क्रेडिट कार्ड का बिल न भरना कोई आपराधिक अपराध नहीं है. यह एक सिविल मामला होता है जो कर्ज से जुड़ा होता है. इसका मतलब यह है कि सिर्फ बिल न भरने की वजह से पुलिस आपको गिरफ्तार नहीं कर सकती. ऐसे मामलों का निपटारा आमतौर पर बैंक और अदालत के माध्यम से किया जाता है. इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन लापरवाही भी नहीं करनी चाहिए.

बैंक उठा सकता है सख्त कदम

हालांकि गिरफ्तारी नहीं होती लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कोई कार्रवाई नहीं होगी. अगर लंबे समय तक बकाया नहीं चुकाया जाता तो बैंक रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर सकता है. बैंक आपके खिलाफ सिविल केस दर्ज कर सकता है. साथ ही अगर आपके उसी बैंक में कोई खाता है तो वहां जमा रकम से बकाया एडजस्ट किया जा सकता है. कुछ मामलों में आपकी संपत्ति पर भी कानूनी कार्रवाई संभव होती है.

क्रेडिट कार्ड का सबसे बड़ा जोखिम उसका हाई इंटरेस्ट रेट है. अगर आप समय पर भुगतान नहीं करते हैं तो बकाया राशि पर भारी ब्याज लगना शुरू हो जाता है. धीरे धीरे यह रकम इतनी बढ़ सकती है कि उसे चुकाना मुश्किल हो जाए. इसलिए छोटी सी लापरवाही बड़े कर्ज में बदल सकती है.